महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक किसान की बेटी ने आत्महत्या कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। किसान पिता का दावा है कि उसकी 18 वर्षीय बेटी ने नीट-यूजी परीक्षा रद्द होने के बाद मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार, गोंडेगांव गांव की रहने वाली मैथिली अशोक सोनवणे ने 16 मई की सुबह अपने खेत में पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के बाद पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। फिलहाल पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह भी पढ़ें- फलता में BJP की रिकॉर्ड जीत: PM मोदी बोले- धमकियों की हार हुई; सीएम समेत कई नेताओं ने दी बधाई; किसने क्या कहा?
डॉक्टर बनने का सपना देखती थी मैथिली
मैथिली के पिता अशोक विठ्ठल सोनवणे, जो पेशे से किसान हैं, ने रविवार को पुलिस को दिए बयान में कहा कि उनकी बेटी डॉक्टर बनने का सपना देखती थी और वह नीट-यूजी परीक्षा की तैयारी कर रही थी। उन्होंने बताया कि मैथिली ने परीक्षा के लिए काफी मेहनत की थी और उसे भरोसा था कि उसका पेपर अच्छा गया है।
पेपर लीक विवाद के कारण परीक्षा रद्द होने से थी परेशान
लेकिन परीक्षा में पेपर लीक विवाद सामने आने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई, जिससे वह काफी परेशान रहने लगी। पिता के मुताबिक, मैथिली भविष्य को लेकर चिंता और तनाव में थी। वह इस मानसिक दबाव को सहन नहीं कर पाई और उसने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया।
यह भी पढ़ें- Congress v BJP: ‘सरकार की विदाई तय’ वाले कथित बयान पर बिफरे NDA नेता; गोयल ने राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया
अब 21 जून को दोबारा होगी नीट-यूजी की परीक्षा
गौरतलब है कि नीट-यूजी परीक्षा 3 मई को भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। बाद में 7 मई को कथित गड़बड़ी और पेपर लीक की जानकारी मिलने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। इस परीक्षा के लिए करीब 23 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया था। अब दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।
