
अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक और अपेक्षाकृत संयमित विदेश नीति की समर्थक तुलसी गबार्ड ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपना इस्तीफा सौंप दिया. उन्होंने कहा कि उनके पति को हाल ही में हड्डियों के कैंसर के एक दुर्लभ प्रकार का पता चला है, इसलिए वह उनकी देखभाल के लिए पद छोड़ रही हैं.
गबार्ड के इस्तीफे के साथ अमेरिकी खुफिया समुदाय की 18 एजेंसियों की निगरानी करने वाले उनके कार्यकाल का अंत हो जाएगा. उनका कार्यकाल काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा और इस दौरान ईरान तथा वेनेजुएला में सैन्य अभियानों जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में उन्हें व्हाइट हाउस द्वारा काफी हद तक निर्णय प्रक्रिया से अलग रखा गया था.
विदेशों में अमेरिकी हमलों की आलोचक थीं गबार्ड
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के लिए ऐसी टीम बनाई थी, जिसमें एक ओर आक्रामक विदेश नीति के समर्थक शामिल थे तो दूसरी ओर विदेशों में अमेरिकी हस्तक्षेप की आलोचक तुलसी गबार्ड जैसी हस्तियां भी थीं, लेकिन हाल के महीनों में गबार्ड और उनके विचारों का प्रतिनिधित्व करने वाले धड़े का प्रभाव लगातार कम होता गया. उनका इस्तीफा इस समूह के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है.
I am deeply grateful for the trust President Trump placed in me and for the opportunity to lead @ODNIgov for the last year and a half.
Unfortunately, I must submit my resignation, effective June 30, 2026. My husband, Abraham, has recently been diagnosed with an extremely rare… pic.twitter.com/PS0Dxp5zpd
— Tulsi Gabbard 🌺 (@TulsiGabbard) May 22, 2026
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30 जून तक पद पर बनी रहेंगी तुलसी
45 वर्षीय तुलसी गबार्ड ने अपने इस्तीफे के पत्र में कहा कि वह 30 जून तक देश की राष्ट्रीय खुफिया प्रमुख के रूप में अपने पद पर बनी रहेंगी ताकि नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सके. राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि तुलसी गबार्ड के डिप्टी Aaron Lukas को कार्यवाहक राष्ट्रीय खुफिया निदेशक नियुक्त किया जाएगा.
हवाई से डेमोक्रेट सांसद चुनी गई थीं गबार्ड
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप गबार्ड की जगह किसे नामित करेंगे. 45 वर्षीय तुलसी गैबार्ड एक युद्ध अनुभवी (कॉम्बैट वेटरन) और Hawaii से पूर्व डेमोक्रेटिक सांसद रही हैं. उन्होंने वर्ष 2020 में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव भी लड़ा था, लेकिन बाद में अपनी पार्टी से अलग होकर 2024 के चुनाव में राष्ट्रपति ट्रंप का समर्थन किया था.

