ईरान पर अमेरिका और इजरायल ने नहीं, यूरोप के देश यूके ने बड़ा एक्शन लिया है. यूके की सरकार ने घोषणा की है कि वह ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आतंकवादी संगठन घोषित करेगी. इससे तेहरान के साथ राजनयिक टेंशन और बढ़ जाएगा.
द गार्जियन के मुताबिक, गृह मंत्रालय की तरफ से सोमवार को कहा गया है कि इस मुद्दे पर सालों तक चली राजनीतिक बहस के बाद, वह IRGC को समर्थन देने पर बैन लगाएगा. यह ईरानी सेना की मुख्य ब्रांच है.
कई धमकियों के बाद IRGC को किया जा रहा बैन
सरकार की तरफ से तर्क दिया गया है कि यूके की धरती पर कई धमकियों के बाद IRGC को बैन किया जा रहा है. इन धमकियों में ईरान इंटरनेशनल डेलीविजन के दो पत्रकारों की हत्या की साजिश और ब्रिटिश ठिकानों पर साइबर हमले शामिल हैं. इस कदम ने कंजर्वेटिव पार्टी के फैसले को पलट दिया है. जिसमें संगठन पर बैन न लगाने के फैसला किया गया. अब इसे किसी भी तरह का समर्थन देना एक अपराध माना जाएगा.
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यह कदम एक तरफ से बैन लगाने जैसा ही माना जा रहा है. हालांकि, कानूनी तौर पर बिल्कुल वैसा नहीं है. मंत्री इस्लामिक मूवमेंट ऑफ द कम्पैनियन्स ऑफ द राइट (IMCR) और रूसी सैन्य खुफिया एजेंसी की इंटरनेशनल ब्रांच रशियन फेडरेशन वॉलंटियर कॉर्प्स को भी गैर कानूनी घोषित करने वाले हैं. IMCR पर यूके में यहूदी ठिकानों पर कई हमले करने का आरोप है.
गृह मंत्रालय ने बयान में क्या कहा है?
होम ऑफिस की तरफ से बयान में कहा गया है कि सभी सबूतों पर सावधानी पूर्वक विचार करने के बाद गृहमंत्री इस नतीजे पर पहुंचे कि यह मानने के लिए पर्याप्त आधार है कि ये सभी संगठन विदेशी ताकतों की ओर से खतरा पैदा करने वाली गतिविधियों में शामिल हैं. यूके की सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए इन सभी पर बैन लगाना जरूरी है.
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