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कोलकाता पहुंचे अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, PM मोदी से करेंगे मुलाकात, जानें पूरा शेड्यूल

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अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो शनिवार (23 मई, 2026) को कोलकाता पहुंच गए हैं. भारत की यह उनकी पहली यात्रा है. रुबियो के भारत दौरे की शुरुआत कोलकाता से हो रही है. वह शाम को दिल्ली पहुंचेंगे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे और मीडिया से भी बातचीत करेंगे.

भारत में अमेरिका के विशेष दूत सर्जियो गोर ने एक्स पर लिखा, ‘आज मार्को रुबियो प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करेंगे. इस दौरे के दौरान व्यापार, टेक्नोलॉजी, रक्षा, QUAD समेत कई मुद्दों पर बातचीत होगी.’

रुबियो के इस दौरा का उद्देश्य पिछले साल से तनावपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों को सुधारना है. अमेरिका के विदेश मंत्री रुबियो इस दौरान भारतीय समकक्ष एस जयशंकर के साथ भी मीटिंग करेंगे. वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ भी बैठक करेंगे. इसके अलावा वह नई दिल्ली में ‘QUAD’ देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी हिस्सा लेंगे. 

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आज PM मोदी, कल एस जयशंकर से मुलाकात

कोलकाता में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वह दोपहर के समय प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करने के लिए नई दिल्ली रवाना होंगे. रविवार को उनका जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने का कार्यक्रम है और वह अमेरिकी दूतावास द्वारा आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी शामिल होंगे. रुबियो सोमवार को आगरा और जयपुर की यात्रा करेंगे. फिर मंगलवार सुबह क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए दिल्ली लौटेंगे. 

भारत यात्रा को लेकर रुबियो ने शुक्रवार को कहा, ‘भारत के साथ बहुत से मुद्दों पर काम करना है. वे हमारे एक महत्वपूर्ण सहयोगी और साझेदार हैं. हम उनके साथ कई अच्छे कार्य करते हैं, इसलिए यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है.’

भारतीय विदेश सचिव की US यात्रा के बाद रुबियो का दौरा 

अधिकारियों के अनुसार, जयशंकर और रुबियो के बीच होने वाली बातचीत में ऊर्जा, व्यापार, निवेश, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी तथा लोगों के बीच आपसी संपर्क को मजबूत करने के उपाय आदि प्रमुख मुद्दे होंगे. दोनों पक्षों के पश्चिम एशिया संकट और उसके आर्थिक प्रभावों, विशेष रूप से ऊर्जा आपूर्ति पर भी विचार-विमर्श करने की उम्मीद है. अमेरिकी विदेश मंत्री की भारत यात्रा, विदेश सचिव विक्रम मिसरी के वाशिंगटन डीसी के तीन दिवसीय दौरे के लगभग पांच सप्ताह बाद हो रही है.

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टैरिफ के बाद बढ़ भारत-US के बीच तनाव

दोनों देशों के संबंधों में उस समय तनाव देखने को मिला था जब अमेरिका ने भारत पर टैरिफ लगाए और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल मई में भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव को कम करने में अपनी भूमिका को लेकर विवादित दावे किए थे. इसके बाद, अगले कुछ महीनों में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कई बार सार्वजनिक रूप से दावा किया कि उन्होंने दोनों पड़ोसी देशों के बीच सैन्य संघर्ष को सुलझाया और लाखों लोगों की जान बचाई क्योंकि स्थिति पूर्ण युद्ध की ओर बढ़ रही थी. हालांकि भारत ने ट्रंप के दावों को खारिज कर दिया था और कहा कि इसमें अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी.

14 अप्रैल को हुई PM मोदी-ट्रंप के बीच बात
 
अमेरिका की नई इमिग्रेशन पॉलिसी और H1B वीजा शुल्क बढ़ाने के फैसले से भी दोनों देशों के संबंधों में खटास पैदा हुई. हालांकि, पिछले कुछ महीनों में दोनों पक्षों ने संबंधों को सुधारने के प्रयास किए हैं. दोनों देशों ने जल्द ही पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने का संकल्प लिया है. प्रधानमंत्री मोदी के साथ ट्रंप ने 14 अप्रैल को लगभग 40 मिनट तक फोन पर बातचीत की. इस बातचीत के बाद मोदी ने कहा कि उन्होंने और ट्रंप ने द्विपक्षीय संबंधों में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की और दोनों पक्ष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.


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