NEET परीक्षा पेपर लीक मामले में सीबीआई अब उन आरोपियों पर शिकंजा कस रही है, जिनकी भूमिका इस पूरे नेटवर्क में सामने आ रही है। मामले में पेपर लीक के कथित सरगना मांगीलाल बिवाल की गिरफ्तारी के बाद अब जांच की आंच उसके बेटे विकास बिवाल तक पहुंच गई है। विकास बिवाल सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष का छात्र है।

जांच में सामने आया है कि विकास बिवाल पढ़ाई में औसत स्तर का छात्र रहा है। मेडिकल कॉलेज में जनवरी से अप्रैल तक उसकी उपस्थिति भी बेहद कम रही। इतना ही नहीं कॉलेज में लिए गए अधिकांश टेस्ट से भी वह अनुपस्थित रहा और जिन टेस्ट में शामिल हुआ, उनमें उसके अंक बेहद कम रहे। वहीं NEET परीक्षा के बाद उसकी कॉलेज में उपस्थिति लगातार बनी रही लेकिन 11 मई से वह बिना सूचना के कॉलेज से गायब बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार सीबीआई द्वारा उसे हिरासत में लिए जाने की चर्चा है, हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जांच एजेंसियों को सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह लग रही है कि बेहद सामान्य शैक्षणिक रिकॉर्ड रखने वाले परिवार के कई सदस्य एक ही साल में मेडिकल कॉलेजों तक पहुंच गए। जांच में सामने आया है कि बिवाल परिवार के पांच सदस्य 2025 की NEET परीक्षा में सफल हुए। इनमें किसी को सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज, किसी को एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर तो किसी को मुंबई और वाराणसी के मेडिकल कॉलेज मिले।
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सीबीआई की जांच में अब 2025 की NEET परीक्षा भी सवालों के घेरे में आ गई है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या 2026 की तरह 2025 में भी पेपर लीक हुआ था और क्या पेपर पहले से इस नेटवर्क तक पहुंच चुका था। जांच में यह भी सामने आया कि कई छात्रों के 10वीं-12वीं और कोचिंग टेस्ट के अंक बेहद सामान्य थे लेकिन NEET-2025 में उन्होंने असाधारण प्रदर्शन किया।
विकास बिवाल के 10वीं में 63 प्रतिशत और 12वीं में 55 प्रतिशत अंक थे। NEET-2024 में उसे 720 में से केवल 270 अंक मिले थे, जबकि कोचिंग टेस्ट में उसका औसत करीब 384 अंक रहा। इसके बावजूद NEET-2025 में उसने 85 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पा लिया। इसी तरह परिवार के अन्य सदस्यों के शैक्षणिक रिकॉर्ड और NEET परिणामों में भी बड़ा अंतर सामने आया है।
जांच में यह भी सामने आया है कि परिवार के अन्य सदस्यों के लिए भी कथित तौर पर पेपर खरीदा गया था। सोशल मीडिया पोस्ट और कोचिंग संस्थानों के प्रचार पोस्टर भी अब जांच के दायरे में हैं। दिनेश बिवाल ने नवंबर 2025 में सोशल मीडिया पर परिवार के पांच बच्चों के MBBS चयन की जानकारी साझा की थी, जबकि सीकर के एक कोचिंग संस्थान ने भी इन छात्रों की सफलता को अपने प्रचार में इस्तेमाल किया था।
हालांकि NEET-2025 का पेपर आधिकारिक तौर पर कभी लीक घोषित नहीं हुआ था। उस समय सोशल मीडिया पर पेपर लीक के दावे जरूर सामने आए थे लेकिन NTA और साइबर एजेंसियों ने उन्हें फर्जी बताया था। अब 2026 के खुलासों के बाद 2025 की परीक्षा भी जांच एजेंसियों के रडार पर आ गई है। सीबीआई अब परीक्षा रिकॉर्ड, नंबर, परीक्षा केंद्र, सोशल मीडिया संपर्क और नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की गहन जांच कर रही है।

