लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

Madras High Court:’तीसरी गर्भावस्था पर भी पूरा मातृत्व अवकाश दें’; हाईकोर्ट का तमिलनाडु सरकार को सख्त निर्देश – Madras High Court Directs Tamil Nadu Govt To Grant Full Maternity Leave For Third Pregnancy

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

महिलाओं के अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसले में मद्रास हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि तीसरी गर्भावस्था के मामले में भी मातृत्व अवकाश देने में किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जा सकता। अदालत ने तमिलनाडु सरकार को निर्देश दिया कि महिला कर्मचारियों को पहली और दूसरी गर्भावस्था की तरह ही तीसरी बार भी पूरा मातृत्व लाभ दिया जाए।

सरकारी आदेश को ठहराया अनुचित

न्यायमूर्ति आर. सुरेश कुमार और न्यायमूर्ति एन. सेंथिल कुमार की खंडपीठ ने 13 मार्च 2026 के उस सरकारी आदेश पर सवाल उठाया, जिसमें तीसरी गर्भावस्था के लिए मातृत्व अवकाश को केवल 12 सप्ताह तक सीमित कर दिया गया था। अदालत ने इसे न केवल अनुचित बल्कि महिलाओं के साथ भेदभावपूर्ण भी माना।

ये भी पढ़ें:- Hate Speech: हेट स्पीच को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दिशा-निर्देश जारी करने से इनकार, कहा- मौजूदा कानून पर्याप्त

यह फैसला शाइयी निशा की याचिका पर सुनाया गया, जिन्होंने 2 फरवरी 2026 से 1 फरवरी 2027 तक मातृत्व अवकाश की मांग की थी। पहले जिला न्यायाधीश और मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने उनकी मांग को खारिज कर दिया था, लेकिन हाईकोर्ट ने इन आदेशों को रद्द करते हुए एक सप्ताह के भीतर उनका आवेदन मंजूर करने का निर्देश दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि चाहे पहली, दूसरी या तीसरी गर्भावस्था हो, हर स्थिति में महिला को समान शारीरिक और मानसिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए प्रसव पूर्व और प्रसव के बाद देखभाल की जरूरत हर बार समान होती है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला

खंडपीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसलों और अपने ही न्यायालय के निर्णयों के अनुसार मातृत्व लाभ में इस तरह की पाबंदी सही नहीं ठहराई जा सकती। अदालत ने स्पष्ट किया कि कार्यपालिका अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए ऐसा आदेश जारी नहीं कर सकती, जो स्थापित कानूनी सिद्धांतों के खिलाफ हो।

कल्याणकारी राज्य की जिम्मेदारी पर जोर

हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि तमिलनाडु सरकार खुद को एक कल्याणकारी राज्य के रूप में प्रस्तुत करती है और महिलाओं के उत्थान के लिए कई योजनाएं चला रही है। ऐसे में मातृत्व अवकाश को सीमित करना सरकार की नीतियों के अनुरूप नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सरकारी आदेश न्यायालयों के निर्णयों और स्थापित कानून से ऊपर नहीं हो सकते। इसलिए 12 सप्ताह की सीमा तय करने का कोई ठोस आधार नहीं है और यह उचित नहीं ठहराया जा सकता।

अन्य वीडियो:-

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Trisha:तृषा ने कन्फर्म किया विजय के साथ रिश्ता? परिवार का हिस्सा बनकर इस कार्यक्रम में पहुंचीं; वीडियो वायरल – Trisha Krishnan Attended 80th Independence Day Celebrations With Tamil Nadu Cm Vijay Parents Video Viral

अरुणाचल में आसमान से आफत:लैंडस्लाइड और सैलाब ने मचाई तबाही, चार की मौत; सेना के पांच जवान लापता – Four People Died And Five Army Soldiers Went Missing Following Landslides And Flash Floods Arunachal Pradesh

Independence Day 2026:हर साल एक लाख युवाओं को रोजगार, सभी जिलों में बनेंगे Msme पार्क; Cm ने किए कई बड़े एलान – Independence Day 2026 Jobs For One Lakh Youths Annually Msme Parks To Be Set Up In Every District Cm Announces

15 अगस्त विशेष :नोएडा के वह स्वतंत्रता सेनानी, जिन्हें मिली काला पानी की सजा, झेली चीन की प्रताड़ना – Independence Day Freedom Fighter From Noida Who Was Sentenced To Kala Pani

दस साल बाद Gen Z की वजह से बदला इंस्टाग्राम का वर्डमार्क?:कर्सिव हटाकर नया लुक पेश, जानें क्यों छिड़ रही बहस – Instagram Changes Wordmark After 10 Years, Users Blame Gen Z ?

Independence Day:विधानभवन में सीएम योगी ने फहराया झंडा, बोले- देश को बांटने वाली ताकतों से सतर्क रहना होगा – Independence Day: Cm Yogi Hoists The Flag At The Vidhan Bhavan; Says We Must Remain Vigilant Against Forces Tr

Leave a Comment