शाजापुर के शुजालपुर में प्रसव के बाद महिला के शरीर में छूटा आधा किलो का स्पंज उसकी जान पर आफत बन गया। एक माह तक दर्द से तड़पती इस महिला की तबियत बिगड़ने पर उसे निजी अस्पताल ले जाने पर सरकारी अस्पताल में हुई लापरवाही की पोल खुली। दरअसल, शुजालपुर के सिविल हॉस्पिटल में महिला के प्रसव के दौरान यह गंभीर लापरवाही हुई।

ग्राम उगाह निवासी महिला को सामान्य प्रसव के दौरान लगाया गया करीब आधा किलो का स्पंज पैक जच्चा की योनि में ही छूट गया। इसके कारण महिला को लगातार दर्द, बदबू, इन्फेक्शन और पेशाब रुकने जैसी परेशानी होती रही। 7 अप्रैल को बच्चे को जन्म देने के दो सप्ताह बाद महिला अपनी तकलीफ बताने दोबारा सरकारी अस्पताल गई, लेकिन महिला चिकित्सक आभा जैन ने बिना जांच किए सामान्य दवाई देकर यह कहकर घर भेज दिया गया कि ऐसा होना सामान्य है।
स्पष्टीकरण मांगा गया
हालत बिगड़ने पर 10 मई को परिजन प्रसूता को निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां जांच में शरीर के अंदर बाहरी वस्तु होने का पता चला। ऑपरेशन के दौरान महिला की योनि से आधा किलो का स्पंज निकाला गया, जो सात अप्रैल से शरीर में फंसा था। अब मामले की शिकायत के आठ दिन बाद भी कार्रवाई नहीं होने से मामला गरमा गया है। अस्पताल प्रभारी डॉक्टर शारदा रामसरिया ने बताया मामले में सात नर्सिंग स्टाफ और महिला चिकित्सक डॉक्टर आभा जैन को सूचना पत्र देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है तथा जांच दल गठित किया गया है।
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पूर्व में भी सामने आ चुकी हैं लापरवाही
शुजालपुर के सिविल अस्पताल में लापरवाही का यह कोई पहला मामला नहीं है। पूर्व में भी इस तरह की कई मामले सामने आ चुके हैं। किन्तु लापरवाही करने वाले चिकित्सकों पर कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई। जिसके चलते इस तरह प्रकरण कम नहीं रहे हैं और सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके अलावा मरीजों की जान को भी खतरा बना हुआ है।

शुजालपुर के सरकारी अस्पताल में उपचार में बड़ी लापरवाही

