प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस की कार्यशैली और उसकी विचारधारा पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। पीएम मोदी ने साफ तौर पर कहा कि आजादी के बाद जो देश भारत के साथ सफर पर निकले थे, वे आज हमसे कहीं आगे हैं, और इसकी इकलौती वजह कांग्रेस की ‘लटकाने और भटकाने’ वाली नीति रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे पाकिस्तान के साथ पानी का विवाद हो या सीमाओं की सुरक्षा, कांग्रेस ने हर मुद्दे को सुलझाने के बजाय उलझाए रखा, जिसका खामियाजा देश की कई पीढ़ियों ने भुगता है।

सुधारों की राह में रोड़ा बनी कांग्रेस-पीएम मोदी
पीएम मोदी ने देश के नाम संबोधन में कहा कि कांग्रेस का चरित्र हमेशा से ‘एंटी-रिफॉर्म’ यानी सुधार विरोधी रहा है। उन्होंने गिनाया कि कैसे सैनिकों के लिए ‘वन रैंक वन पेंशन’ और पिछड़ों के लिए ‘ओबीसी आरक्षण’ जैसे संवेदनशील विषयों को कांग्रेस ने दशकों तक ठंडे बस्ते में डाल रखा था। पीएम के मुताबिक, कांग्रेस ने हर उस फैसले का विरोध किया जो देश की प्रगति के लिए अनिवार्य था। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस के हर छल और प्रपंच का नुकसान देश को उठाना पड़ा है। आज हम जिन चुनौतियों से जूझ रहे हैं, उनमें से अधिकांश कांग्रेस के इसी रवैये की देन हैं।’

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‘रिफॉर्म का नाम सुनते ही विरोध की तख्ती उठा लेती है कांग्रेस’
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज आलम यह है कि सुधार शब्द सुनते ही कांग्रेस विरोध की तख्ती लेकर सड़कों पर दौड़ पड़ती है। उन्होंने जीएसटी, डिजिटल पेमेंट, जनधन योजना और ईडब्ल्यूएस आरक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि इन क्रांतिकारी कदमों का विरोध करके कांग्रेस ने अपनी विकास विरोधी सोच को जगजाहिर कर दिया है। यहां तक कि अनुच्छेद 370 को हटाने और ‘समान नागरिक संहिता’ जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर भी कांग्रेस का रुख हमेशा नकारात्मक रहा है।
घुसपैठ और सुरक्षा पर कड़ा रुख
घुसपैठियों के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह पार्टी ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ और मतदाता सूची के शुद्धिकरण का विरोध सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने के लिए कर रही है। उन्होंने सीएए का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस ने झूठ फैलाकर देश में बवंडर खड़ा करने की कोशिश की। पीएम ने अंत में कहा कि महिला शक्ति विधेयक का विरोध करके कांग्रेस ने साबित कर दिया है कि वह नारी शक्ति के उत्थान को बर्दाश्त नहीं कर पा रही है, लेकिन देश की माताएं-बहनें इस मानसिकता का करारा जवाब देंगी।

