अपने सबसे कठिन दौर से उबरते हुए, एक ग्रीक दंपति ने इस सप्ताह जन्मे बच्चे के साथ एक नई शुरुआत की। ऐसा करने के लिए उन्हें क्रिस्टीना राप्ती-त्जेलेपी के दशकों पुराने भ्रूणों में से एक का उपयोग करना पड़ा। इसके साथ ही सरकारी समय सीमा से पहले ही बच्चे को जन्म देना पड़ा।

क्या है मामला?
अक्तूबर में एक सड़क दुर्घटना में अपने 21 वर्षीय बेटे की मृत्यु के कुछ ही महीनों बाद, अब 54 वर्षीय राप्ती-त्जेलेपी और उनके पति ने 22 वर्षों से जमे हुए भ्रूण का उपयोग करके एक और प्रयास करने का निर्णय लिया।
राप्टी-त्जेलेपी को महिलाओं के लिए इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) प्रक्रिया पूरी करने और राष्ट्रीय अथॉरिटी से मंजूरी पाने की ग्रीक सरकार की 54 साल की उम्र सीमा का सामना करना पड़ रहा था। जब उन्होंने शुरुआत की, तो समय पहले ही कम पड़ रहा था।
त्जेलेपी ने क्या कहा?
उन्होंने कहा, ‘मेरे पास सिर्फ ढाई महीने का समय था। यह तनावपूर्ण था, लेकिन अंदरूनी हिम्मत और हमारे डॉक्टर व उनकी पूरी टीम के साथ होने की वजह से हमने हर मुश्किल का सामना किया। उन्होंने बुधवार को ग्रीस की राजधानी एथेंस में एक बच्ची को जन्म दिया, जिसका वजन 3.49 किलोग्राम था। शुक्रवार को गुलाबी गुब्बारों और फूलों से सजे अस्पताल के कमरे में नए माता-पिता भावुक हो गए।
‘हमने जिंदगी को एक और मौका दिया’
काले पजामे में बिस्तर पर बैठीं राप्टी-त्जेलेपी ने कहा, ‘हमने जिंदगी को एक और मौका देने, नई शुरुआत करने, अपने घर में नई जिंदगी लाने और अपने परिवार की कहानी को आगे बढ़ाने का फैसला किया। मेरी इच्छा है कि वह स्वस्थ और खुश रहे, हमारे पहले बच्चे की तरह खुशियों से भरी रहे, जिसने हमारे घर को हंसी-खुशी से भर दिया था।’
यह केस क्यों खास?
यह बच्चा महिला के उस भ्रूण से पैदा हुआ था जिसे 22 साल से भी ज्यादा समय पहले फ्रीज किया गया था। प्रेग्नेंसी के लिए फ्रीज किए गए फर्टिलाइज्ड अंडे का इस्तेमाल करने के मामले में यह बहुत लंबा समय है।
पिछले साल, ओहियो के एक जोड़े ने ‘एम्ब्रियो अडॉप्शन’ (भ्रूण गोद लेने) की प्रक्रिया के जरिए 30 साल से ज्यादा समय तक फ्रीज किए गए भ्रूण से पैदा हुए एक बच्चे का स्वागत किया था और उन्हें गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से पहचान मिली थी।
स्त्री रोग विशेषज्ञ ने क्या कहा?
राप्टी-त्जेलेपी के स्त्री रोग विशेषज्ञ और हेलेनिक सोसाइटी ऑफ रिप्रोडक्टिव मेडिसिन के प्रमुख डॉ. कोस्टास पैंटोस ने तर्क दिया कि ग्रीस में उम्र की पाबंदियों पर फिर से विचार करने की जरूरत है, क्योंकि देश में जन्म दर तेजी से गिर रही है।
ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न के रहने वाले पैंटोस ने कहा, ‘कानून बहुत सख्त है। 54 साल और एक दिन की उम्र भी मंजूर नहीं है। शायद अब इसे बदलने का समय आ गया है। मुझे लगता है कि यह एक ऐसा अधिकार है जिससे माता-पिता को वंचित नहीं किया जाना चाहिए।’
बच्ची के पिता ने क्या कहा?
बच्ची के 60 वर्षीय पिता, कॉन्स्टेंटिनोस राप्टिस ने अपनी नई बेटी को गोद में लिया, जो सफेद बॉडीसूट पहने उनके कंधे पर सो रही थी। उन्होंने कहा कि वह अपने परिवार में उम्मीद जगाने के लिए डॉक्टर के बहुत आभारी हैं। रैप्टिस ने कहा, ‘उन्होंने हमारा हाथ पकड़ा और हमें घोर अंधेरे से बाहर निकाला। हम उस अंधेरे से बाहर निकल आए हैं। मेरा मानना है कि अब हमारे पास जीने के लिए बहुत कुछ है।’
इस जोड़े ने अपनी बेटी का नाम जॉर्जिया रखा, जो उनके दिवंगत बेटे जियोर्गोस की याद में था। जियोर्गोस का जन्म भी आईवीएफ से हुआ था। उन्होंने एक और बच्चे के लिए कोशिश करने की संभावना को भी खारिज नहीं किया है। हो सकता है कि इसके लिए वे विदेश जाएं।

