
अगर आप ऐसे शख्स हैं जिनके पास 1 करोड़ रुपये की नेटवर्थ है और आप मानते हैं कि भविष्य के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं हैं तो जाग जाइये. महंगाई एक ऐसी वजह है जो आपकी रकम की वैल्यू धीरे-धीरे कम करती जाती है और कई बार आपको पता तक नहीं चलता.
किसी के पास एक करोड़ रुपये की नेटवर्थ होना शायद सुनने में काफी अच्छा लगेगा..इसके आधार पर आपको लग रहा है कि किसी बड़े आर्थिक पड़ाव पर आ गए हैं. फिर भी एक इंवेस्टर के तौर पर आपको ये समझना चाहिए कि आपको सारी रकम को सिर्फ अपने बैंक अकाउंट में नहीं रखनी चाहिए.
काफी सारे कैश को अगर आप बैंक अकाउंट में रखते हैं तो आप एक अच्छे-खासे रिटर्न से वंचित रह सकते हैं. अगर आप सोचते हैं कि इस रकम को बैंक खाते में रख दिया जाए जिससे ये सेफ रहे तो आपको ये जानना चाहिए कि महंगाई की वजह से इस रकम की वैल्यू घट सकती है. वहीं अपने पास बहुत कम लिक्विड रकम को रखने के बाद आपको किसी इमरजेंसी के दौरान दिक्कत हो सकती है.
तो आखिरकार जिनके पास 1 करोड़ रुपये की नेटवर्थ है उन्हें अपने खाते में कितनी सेविंग्स रखनी चाहिए, इसका जवाब यहां जान सकते हैं. ये आपके मंथली खर्चों, इनकम और फाइनेंशियल लक्ष्यों के साथ इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी जॉब या आपका बिजनेस कितना पक्का है.
ज्यादातर लोग इतनी रकम को बैंक में रखना पसंद करते हैं जिससे किसी बीमारी या अन्य जरूरी खर्चों के वक्त उनके पास पर्याप्त कैश रहे. इसके बाद जो रकम बचती है वो उसको इंवेस्ट करना पसंद करते हैं. हालांकि इसके लिए इंवेस्टमेंट बुक में एक नियम है जिसे गोल्डन रूल की तरह माना जा सकता है. जानिए-
इसका एक आसान सा फॉर्मूला है-
इक्विटी % = 100 − इंवेस्टर की उम्र
उदाहरण के लिए- मान लीजिए कि इंवेस्टर की उम्र 40 साल है और इक्विटी 60 परसेंट के हिसाब से 60 लाख रुपये मानी जाती है. वहीं डेट/फिक्स्ड इन्कम 40 फीसदी के हिसाब से 40 लाख रुपये हो जाती है इस तरह 60+40 लाख रुपये मिलाकर कुल 1 करोड़ रुपये हो जाती है. कुल मिलाकर आपकी नेटवर्थ के हिसाब से ये 1 करोड़ रुपये आपको सोच-समझकर इंवेस्ट करने चाहिए.
उदाहरण के लिए- मान लीजिए कि इंवेस्टर की उम्र 70 साल है और इक्विटी 30 परसेंट के हिसाब से 30 लाख रुपये मानी जाती है. वहीं डेट/फिक्स्ड इन्कम में 70 परसेंट के हिसाब से 70 लाख रुपये हो जाती है इस तरह 70+30 लाख रुपये मिलाकर कुल 1 करोड़ रुपये हो जाती है. लिहाजा कुल मिलाकर आपकी नेटवर्थ के हिसाब से ये 1 करोड़ रुपये आपको सोच-समझकर इंवेस्ट करने चाहिए.
कुल मिलाकर 1 करोड़ रुपये का एलोकेशन आप इस तरह कर सकते हैं-
इनको ऐसे समझा जा सकता है कि इंवेस्टर्स को अपनी उम्र के हिसाब से ही अपने पोर्टफोलियो के रिस्क प्रोफाइल को मैनेज करना चाहिए. हालांकि इंवेस्टर्स को ये बात समझनी चाहिए कि ये सिर्फ एक थंब रूल के तौर पर है, असल एलोकेशन आपकी इनकम, खर्चों, जोखिम उठाने की क्षमता और कितने समय तक आप निवेश कर सकते हैं, इस बात पर भी निर्भर करता है. अगर आपको अपने रिटायरमेंट के वक्त 1 करोड़ रुपये चाहिए तो उसके लिए अपने इंवेस्टमेंट प्रोफाइल को समझना जरूरी है.
SBI का ग्राहकों को बड़ा तोहफा, 10 मिनट में FD पर मिलेगा गारंटीड क्रेडिट कार्ड

