अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, दक्षिणी ईरान में अमेरिकी हवाई हमलों में ईरानी सेना के आठ जवान मारे गए हैं। इस बीच, ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के वरिष्ठ सलाहकार अली अकबर वेलायती ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ‘रेजिस्टेंस धुरी की उंगली ट्रिगर पर है’।
अमेरिकी हमलों में आठ सैनिकों की मौत
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए। इन हमलों में ईरानी सशस्त्र बलों के आठ सदस्य मारे गए। हमलों का निशाना दक्षिण-पश्चिमी बंदरगाह शहर बंदर माहशहर, बुशेहर प्रांत, सिरिक और खार्ग द्वीप जैसे इलाके बने। बंदर माहशहर में दुश्मन के ड्रोन का मुकाबला करते समय ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड नौसेना का एक सदस्य भी मारा गया। खार्ग द्वीप ईरान का प्रमुख तेल निर्यात केंद्र माना जाता है, जबकि बुशेहर में देश का एकमात्र असैन्य परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थित है।
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अमेरिका ने क्या कहा?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसने 80 से अधिक ईरानी ठिकानों पर सटीक हमले किए। अमेरिका का दावा है कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाए जाने के जवाब में की गई। दूसरी ओर, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में अमेरिका के 85 सैन्य ठिकानों पर हमला किया है।
खामेनेई के सलाहकार की चेतावनी
इस बीच, अली अकबर वेलायती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई पोस्ट करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया ‘छोटे देशों के राजनीतिक जुए’ की जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान पहले भी चेतावनी दे चुका है कि किसी भी तरह के दुस्साहस का तुरंत जवाब दिया जाएगा। वेलायती ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी निशाना साधते हुए कहा कि समझौता ज्ञापन रद्द करने का फैसला पूरे क्षेत्र को फिर से संघर्ष की आग में झोंक सकता है। उन्होंने कहा कि ‘एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस अपमान और दुस्साहस पर चुप नहीं बैठेगी और उसकी उंगली ट्रिगर पर है’।
۱) پیشتر هشدار داده بودیم « #منطقه، محل قمار سیاسی کشورهای خرد نیست »
و بارها ثابت کردیم که ماجراجویی ها پاسخ فوری داده میشود.
— Aliakbar Velayati (@Drvelayati_ir) July 8, 2026
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इस्राइल में नेतन्याहू ने बुलाई सुरक्षा बैठक
वहीं, इस बढ़ते तनाव के बीच इस्राइल प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने बुधवार शाम होने वाले एक सैन्य समारोह में अपनी भागीदारी रद्द कर दी। दोनों नेताओं ने सुरक्षा हालात की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। रिपोर्टों के अनुसार, बैठक में अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और इस्राइल की सुरक्षा तैयारियों पर चर्चा हुई। हालांकि, इस्राइली अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल उन्हें पूर्ण युद्ध की आशंका नहीं है और उनका मानना है कि ईरान पर आर्थिक दबाव अभी भी सबसे प्रभावी रणनीति है।


