पांढुर्णा शहर के तीन शेर चौक स्थित करीब 230 फीट ऊंचे बीएसएनएल टॉवर पर पिछले करीब 50 घंटे से बैठे शख्स को आखिरकार बुधवार शाम 6:19 बजे सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। तीन दिन तक चले इस हाई वोल्टेज रेस्क्यू ऑपरेशन का सफल समापन होते ही प्रशासन, पुलिस और मौके पर मौजूद हजारों लोगों ने राहत की सांस ली। युवक को तत्काल एंबुलेंस से सिविल अस्पताल पांढुर्णा पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार शुरू किया गया।
शख्स की पहचान अंबुज डिगर (71 वर्ष) निवासी असकोला, धादांगरी, जिला पश्चिम मिदनापुर (पश्चिम बंगाल) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह पिछले सात दिनों से अपने घर से लापता था। पुलिस के मुताबिक उसकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं बताई जा रही है, जिसके चलते उसने टॉवर पर चढ़कर सभी को चिंता में डाल दिया था।
सोमवार दोपहर टॉवर पर चढ़े युवक को सुरक्षित नीचे लाने के लिए मंगलवार से प्रशासन ने व्यापक रेस्क्यू अभियान शुरू किया। पुलिस, राजस्व विभाग, नगर पालिका, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग और विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम लगातार मौके पर डटी रही। टॉवर के नीचे सुरक्षा के लिहाज से बड़े जाल, गद्दे और मैट बिछाए गए थे, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में जान-माल का नुकसान न हो।
ये भी पढ़ें- HC की फर्जी वीडियो बनाकर वायरल करना पड़ा भारी, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर गिरफ्तार, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त
रेस्क्यू के दौरान दो बार प्रशिक्षित विशेषज्ञ अंबुज तक पहुंचे, लेकिन वह उनके नजदीक आते ही हाथ में लोहे की लंबी रॉड लेकर आक्रामक हो गया। इसके बाद अधिकारियों ने जोखिम उठाने के बजाय रणनीति बदल दी। ड्रोन कैमरों से उसकी हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी गई, जबकि नीचे से अधिकारी और विशेषज्ञ लगातार उससे बातचीत कर उसे शांत करने का प्रयास करते रहे।
बुधवार शाम छिंदवाड़ा से पहुंची विशेष रेस्क्यू टीम ने नई रणनीति के तहत बेहद सावधानी और धैर्य के साथ अभियान चलाया। घंटों की समझाइश, मनोवैज्ञानिक तरीके से बातचीत और सुनियोजित प्रयासों के बाद टीम अंबुज को सुरक्षित नीचे उतारने में सफल रही। जैसे ही अंबुज जमीन पर पहुंचा, मौके पर मौजूद अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और लोगों ने तालियां बजाकर राहत जताई।
इसके बाद अंबुज को तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। पुलिस अब उसके परिजनों से संपर्क कर रही है, ताकि उसे सुरक्षित उनके सुपुर्द किया जा सके। करीब 50 घंटे तक चला यह रेस्क्यू अभियान जिले के सबसे चुनौतीपूर्ण अभियानों में शामिल रहा। लगातार तीन दिन तक हजारों लोगों की नजरें बीएसएनएल टॉवर पर टिकी रहीं। अंततः बिना किसी जनहानि के अभियान का सफल समापन प्रशासन, पुलिस और रेस्क्यू टीम की सूझबूझ, धैर्य और समन्वय का उदाहरण बन गया।

शख्स की पहचान अंबुज डिगर के रूप में की गई।


