बॉलीवुड अभिनेता सलमान ख़ान को संगठित अपराध गिरोह से धमकी मिलने और उससे पैसे वसूलने की साजिश का दावा करने वाले एक युवक की कहानी पुलिस जांच में कथित तौर पर फर्जी निकली है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने खुद ही फर्जी व्हॉट्सऐप चैट तैयार की और यह दिखाने की कोशिश की कि किसी संगठित अपराध गिरोह की ओर से सलमान ख़ान को जान से मारने या शारीरिक नुकसान पहुंचाने का खतरा है.
मामला मुंबई के बांद्रा इलाके से जुड़ा है. इस मामले में आसिफ मोहम्मद मुस्लिम राजा (25) को आरोपी बनाया गया है. पुलिस के मुताबिक आसिफ फिलहाल बांद्रा, मुंबई में रह रहा था, जबकि वह मूल रूप से बिहार के सीवान जिले का रहने वाला है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बांद्रा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया है.
पुलिस को दी गई कहानी पर हुआ शक
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने दावा किया था कि कुछ अज्ञात लोगों ने उसे पैसे और मोबाइल फोन दिए हैं और सलमान ख़ान को शारीरिक नुकसान पहुंचाने तथा धमकी देने की साजिश रची जा रही है. शुरुआत में पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की.
जांच के दौरान आरोपी के पास मौजूद मोबाइल फोन का तकनीकी विश्लेषण किया गया. पुलिस को व्हॉट्सऐप चैट में कई ऐसी विसंगतियां मिलीं, जिनसे आरोपी की बताई कहानी पर संदेह पैदा हुआ. पुलिस का दावा है कि चैट में मैसेज भेजने वाले और उसका जवाब देने वाले व्यक्ति के शब्दों में काफी समानता दिखाई दी.
CCTV जांच में भी नहीं मिले कथित अज्ञात लोग
पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के दौरान उन स्थानों की जानकारी हासिल की, जहां उसके मुताबिक उसे अज्ञात लोग मिले थे. इसके बाद पुलिस टीम ने संबंधित जगहों के CCTV फुटेज की जांच की.
पुलिस के मुताबिक, CCTV जांच में उन स्थानों पर आरोपी द्वारा बताए गए लोगों से उसकी मुलाकात के कोई सबूत नहीं मिले. इसके बाद पुलिस को उसकी कहानी में गंभीर विसंगतियां नजर आईं.
आरोपी से दोबारा गहन पूछताछ की गई तो पुलिस के अनुसार उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि सलमान ख़ान को डराकर पैसे ऐंठने के उद्देश्य से उसने इलेक्ट्रॉनिक माध्यम का इस्तेमाल करते हुए फर्जी पहचान और फर्जी व्हॉट्सऐप चैट तैयार की थी.
फर्जी व्हॉट्सऐप चैट के लिए अलग नंबर और मोबाइल का इस्तेमाल
जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी ने फर्जी व्हॉट्सऐप चैट को वास्तविक दिखाने के लिए अलग नंबरों का इस्तेमाल किया था.
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने व्हॉट्सऐप चैट तैयार करने के लिए खरीदा गया एक मोबाइल फोन और अपना पुराना मोबाइल बांद्रा के समुद्र किनारे छिपा दिया था. बाद में पूछताछ और पंचनामा कार्रवाई के दौरान आरोपी की निशानदेही पर इन मोबाइल फोन को बरामद कर जब्त किया गया.
इसके अलावा आरोपी के पास से मिले मोबाइल फोन में मौजूद कथित फर्जी व्हॉट्सऐप चैट के स्क्रीनशॉट भी पंचों की मौजूदगी में जब्त किए गए हैं.
सीवान से 1.30 लाख रुपये मंगाने का भी आरोप
जांच में पुलिस ने आरोपी द्वारा बिहार के सीवान से करीब 1 लाख 30 हजार रुपये मंगाने की बात भी सामने आने का दावा किया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने ये पैसे फोन-पे के जरिए मंगवाए और बांद्रा में एक मनी ट्रांसफर एजेंट के माध्यम से कैश में हासिल की.
चार मोबाइल फोन और नकदी जब्त
पुलिस दस्तावेज के मुताबिक, आरोपी की गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से कई मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई. जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन की तकनीकी जांच को अहम सबूत माना जा रहा है.पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 336(3), 351(3), 353(2), 271, 340 और 248 के साथ आईटी एक्ट की धारा 66(C) और 66(D) के तहत मामला दर्ज किया है.
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी ने कथित तौर पर यह फर्जी धमकी और वसूली की साजिश अकेले रची थी या इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति या गिरोह की भूमिका थी.
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आरोपी का पक्ष
आरोपी आसिफ़ ने ABP न्यूज़ से बातचीत के दौरान दावा किया कि उसे जुए की लत थी, जिसके चलते उस पर करीब 30 से 35 लाख रुपये का कर्ज हो गया था. इसके बाद उसने एजुकेशन सेक्टर के बारे में अध्ययन किया और एक प्रोजेक्ट तैयार किया. आसिफ़ का दावा था कि इस प्रोजेक्ट के जरिए वह शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव ला सकता है और अगर उसका प्रोजेक्ट सफल होता है तो बच्चों को कम कीमत में बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जा सकती है.
आसिफ़ के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए उसे पैसों की जरूरत थी, लेकिन उसके पास फंड नहीं था. पैसे जुटाने के लिए वह मुंबई आया. उसका मानना था कि अगर वह अभिनेता सलमान खान से मुलाकात कर अपने प्रोजेक्ट के बारे में उन्हें समझा सके तो सलमान खान की NGO के जरिए उसे आर्थिक मदद मिल सकती है.
सलमान खान से मिलने की कई बार कोशिश की
आसिफ़ ने दावा किया कि उसने सलमान खान से मिलने की कई बार कोशिश की, लेकिन वह कामयाब नहीं हो सका. उसने यह भी दावा किया कि उसने सलमान खान के सुरक्षा रक्षकों को पैसे देने की पेशकश की थी, ताकि उसकी अभिनेता से एक मीटिंग कराई जा सके, लेकिन उसकी बात नहीं मानी गई.
इसके बाद आसिफ़ अभिनेता आमिर खान और शाहरुख खान के घर भी गया, लेकिन वहां से भी उसे कोई मदद या मुलाकात नहीं मिल सकी.
मदद नहीं मिली तो गढ़ी फर्जी कहानी
आसिफ़ के मुताबिक, जब उसे कहीं से भी मदद नहीं मिली तो उसने एक फर्जी कहानी बनाने की योजना बनाई. उसने ChatGPT की मदद से एक मैसेज तैयार किया, जिसमें यह दिखाने की कोशिश की गई कि सलमान खान को कुछ लोगों से खतरा है.इसके बाद उसने सलमान खान के घर के बाहर मौजूद सुरक्षा रक्षकों को बताया कि कुछ लोगों से अभिनेता को खतरा है और वह यह जानकारी सलमान खान से व्यक्तिगत रूप से मिलकर देना चाहता है.
सुरक्षा रक्षकों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी. शुरुआत में बांद्रा पुलिस ने मामले की जांच की, जिसके बाद जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई.
दो महीने रहना पड़ा जेल
आसिफ़ का दावा है कि उसकी बनाई गई इस फर्जी कहानी के चलते उसे करीब दो महीने जेल में रहना पड़ा. उसका कहना है कि उसे अपनी गलती का अहसास है, लेकिन उसका इरादा सलमान खान को किसी तरह का नुकसान पहुंचाना नहीं था. वह सिर्फ सलमान खान से मुलाकात कर अपने एजुकेशन प्रोजेक्ट के बारे में बताना चाहता था.
हालांकि, पुलिस ने उसके इस कथित इरादे को वसूली की कोशिश के तौर पर देखा. पुलिस ने उसके पास मौजूद पैसे भी जब्त कर लिए. आसिफ़ का कहना है कि अब वह अपने गांव और घर जाने की स्थिति में नहीं है और इस पूरे मामले को लेकर उसे शर्मिंदगी महसूस हो रही है
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