LPG Import News: देश ने पिछले कुछ महीनों में तेल और गैस की ऐसी किल्लत देखी है, कि अब सभी लोग इससे घबराए हुए हैं. ऐसे में अब सरकार भी पूरी तरह से दोबारा ऐसे हालातों से निपटने के लिए तैयारी कर रही है. अब सरकार ईरान की जगह किसी और देश पर गैस आयात के लिए निर्भर होगा. इस बारे में हाल ही में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया है.
क्या बोले मंत्री?
दरअसल हाल ही में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया है कि, इस साल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने के बावजूद भारत में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) की कोई कमी नहीं हुई. उन्होंने कहा कि सरकार ने अलग-अलग देशों से ईंधन खरीदने, रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने और घरेलू उत्पादन बढ़ाने की रणनीति अपनाई, जिससे लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं हुई.
ये भी पढ़ें: E20 पेट्रोल में क्लोराइड और पानी के दावों का सच सामने आया, तेल कंपनियों ने क्या बताया?
सीआईआई के एक कार्यक्रम में पुरी ने कहा कि, ‘पहले भारत अपने कच्चे तेल का करीब आधा हिस्सा, 90% एलपीजी और 60% गैस ऐसे देशों से आयात करता था, जिनकी आपूर्ति होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होती थी. इसके बावजूद सरकार ने दूसरे देशों से आयात बढ़ाकर ईंधन की आपूर्ति सामान्य बनाए रखी. उन्होंने ये भी कहा है कि, ‘मैं पूरे भरोसे के साथ कह सकता हूं कि देश में एक भी पेट्रोल पंप पर ईंधन खत्म नहीं हुआ.’
अमेरिका पर निर्भरता
पुरी ने बताया कि भारत ने कच्चे तेल के आयात वाले देशों की संख्या 27 से बढ़ाकर 41 कर दी है. वहीं, देश में पेट्रोल पंपों की संख्या करीब 52 हजार से बढ़कर 1.07 लाख हो गई है. शहरी गैस वितरण नेटवर्क भी 55 क्षेत्रों से बढ़कर 309 क्षेत्रों तक पहुंच गया है. उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों से एलपीजी आयात कम होने पर भारत ने घरेलू उत्पादन बढ़ाया. साथ ही, अब अमेरिका भारत को एलपीजी की सबसे ज्यादा आपूर्ति करने वाला देश बन गया है, जो कुल आयात का करीब 67% है.
ये भी पढ़ें: Air India का बड़ा ऐलान, पायलटों की सैलरी में 17% तक का इजाफा, नया वेतन ढांचा लागू

