समस्तीपुर जिले के कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव में बांध के पास एक लड़की के साथ कथित अभद्र व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। पुलिस ने वीडियो सामने आने के करीब छह घंटे के भीतर मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, वीडियो में दिखाई दे रही लड़की प्रथमदृष्टया नाबालिग प्रतीत हो रही है।
इस बीच बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने समस्तीपुर की सांसद शांभवी चौधरी की सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सवाल उठाए हैं। तेजस्वी यादव का आरोप है कि बिहार पुलिस की ओर से जारी प्रेस रिलीज में आरोपियों के नाम दर्ज थे, लेकिन सांसद ने उसे अपने फेसबुक पेज पर साझा करते समय पोस्ट को इस तरह क्रॉप किया कि आरोपियों के नाम वाला हिस्सा दिखाई नहीं दिया।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि आरोपियों के नाम और जातीय पहचान सामने न आए, इसलिए पोस्ट को क्रॉप किया गया। उन्होंने सांसद शांभवी चौधरी के साथ उनके पिता अशोक चौधरी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को भी निशाने पर लिया। हालांकि, पोस्ट को क्रॉप करने के पीछे सांसद की मंशा क्या थी, इस पर शांभवी चौधरी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए तेजस्वी यादव के आरोपों को उनके दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
छह घंटे में चार आरोपी गिरफ्तार
समस्तीपुर पुलिस के अनुसार, 23 सितंबर की शाम सोशल मीडिया निगरानी के दौरान घटना का वीडियो सामने आया। तकनीकी सत्यापन के बाद पुलिस ने घटनास्थल की पहचान कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव स्थित बांध के पास सड़क के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की और सूचना मिलने के करीब छह घंटे के भीतर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास कुमार, राहुल कुमार, रामबाबू सहनी और अवधेश पासवान के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, तीन आरोपी जगतसिंहपुर गांव और एक बिजौलिया गांव का रहने वाला है। मामले में भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत कर्पूरीग्राम थाना कांड संख्या 117/26 दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, वीडियो करीब एक सप्ताह पुराना बताया जा रहा है। पुलिस घटना की परिस्थितियों, वीडियो के स्रोत और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
पीड़िता की पहचान उजागर नहीं करने की अपील
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए समस्तीपुर पुलिस ने लोगों से वायरल वीडियो या उससे जुड़ी ऐसी कोई सामग्री साझा नहीं करने की अपील की है, जिससे पीड़िता की पहचान उजागर हो। पुलिस ने कहा है कि इस तरह की सामग्री से पीड़िता को मानसिक और सामाजिक नुकसान हो सकता है और इसके प्रसार पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। फिलहाल मामले में पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ सांसद शांभवी चौधरी की सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर तेजस्वी यादव के आरोपों ने राजनीतिक बहस को भी तेज कर दिया है।


