- आईएनएस कोलकाता सुरक्षित; भारत ने पाक को सख्त हिदायत दी।
अरब सागर में मंगलवार (15 सितंबर, 2026) की शाम भारत के INS कोलकाता और पाकिस्तान के PNS हुनैन के बीच हुई टक्कर को लेकर दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार जारी है. इस बीच भारत ने इस मामले पर पाकिस्तान के रुख पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. इसके साथ ही, भारत ने पाकिस्तान को भविष्य में इस तरह की कोई घटना न हो, इसलिए कड़ी हिदायत भी दी है.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमने अपनी तरफ से दर्ज कराए विरोध पर पाकिस्तान के जवाब को देखा है. यह वही हमेशा के जैसे टालमटोल का रवैया है या सच को छुपाने की कोशिश है, जिसकी हमें उम्मीद थी. हम इसमें लगाए गए सारे आरोपों और आक्षेपों को सिरे से खारिज करते हैं.
मामले में विदेश मंत्रालय ने की कड़ी टिप्पणी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार (18 सितंबर, 2026) को मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा, ‘मैं इस मामले के कुछ तथ्यों को स्पष्ट करना चाहता हूं और फिर से दोहराना चाहता हूं. आईएनएस कोलकाता (INS Kolkata) पश्चिमी अरब सागर में एक नियमित तैनाती पर था, तभी पाकिस्तानी नौसेना के जहाज PNS Hunain ने समुद्र में अस्वीकार्य (Unacceptable) और गैर-पेशेवर तरीके (Unprofessional manner) से बर्ताव किया, जिसके परिणामस्वरूप एक टक्कर हुई.’
उन्होंने कहा, ‘PNS हुनैन की तरफ से की गई खतरनाक तरीके से ओवरटेक करने की पैंतरेबाजी (Dangerous Overtaking Manoeuvre), अप्रैल 1991 के ‘सैन्य अभ्यासों, पैंतरेबाजी और सैनिकों की आवाजाही पर पूर्व सूचना को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच समझौते’ (Agreement between India and Pakistan on Advance Notice on Military Exercises, Manoeuvres and Troops Movements of April 1991) के अनुच्छेद 10 का घोर उल्लंघन था. यह अनुच्छेद स्पष्ट करता है कि समुद्र में नौसेना इकाइयां एक-दूसरे से 3 नौटिकल मील यानी करीब 5.5 किलोमीटर के दायरे में नहीं आनी चाहिए.’
Delhi: MEA Spokesperson Randhir Jaiswal says, “We have seen Pakistan’s response to the protest we had lodged. It is the usual prevarication that we expected. We reject the allegations and insinuations contained therein. Let me reiterate the facts of the matter for you. INS… pic.twitter.com/bmzfgEfybw
— IANS (@ians_india) September 18, 2026
INS कोलकाता को बड़ा नुकसान नहीं- विदेश मंत्रालय
रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘इसके अलावा, पाकिस्तानी जहाज ने ‘समुद्र में टक्कर रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों’ (International Regulations for Preventing Collisions at Sea) का भी उल्लंघन किया.’
उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान पक्ष को एक बार फिर से यह सलाह दी गई है कि ऐसी घटनाओं को दुबारा होने से रोकने के लिए उनकी सभी सैन्य इकाइयों को उचित सावधानी बरतने और दोनों पक्षों के बीच संबंधित समझौतों के प्रावधानों का सम्मान करने की जरूरत है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘इस घटना से INS Kolkata को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है और वह अभी भी समुद्र में है.’
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