- पाकिस्तान के कोहाट में पुलिस लाइंस मस्जिद के पास आत्मघाती हमला हुआ।
- जुमे की नमाज के दौरान 15 लोगों की मौत, 50 से अधिक घायल हुए।
- विस्फोट से मस्जिद और आसपास की इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं, जांच जारी है।
- अस्पतालों में आपातकाल घोषित; किसी संगठन ने अभी जिम्मेदारी नहीं ली है।
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत के कोहाट जिले में शुक्रवार (18 सितंबर, 2026) को दोपहर डेढ़ बजे कोहाट पुलिस लाइन में बने काउंटर टेरर डिपार्टमेंट (CTD) के कैंप ‘ISI के ‘गुड तालिबान’ पर इत्तेहाद उल मुजाहिद्दीन पाकिस्तान (IMP) ने फिदायीन हमला कर दिया. आतंकी हमले में 20 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिसमें 8 सामान्य नागरिक और 12 पुलिसकर्मी शामिल हैं. इसके अलावा, 57 लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं, जिनका इलाज कोहाट के DHQ अस्पताल में चल रहा है.
यह हमला इतना जबरदस्त था कि CTD के कैंप और पुलिस लाइन में बनी मस्जिद के परखच्चे उड़ गए और मस्जिद मलबे में तब्दील हो गई. यह विस्फोट मस्जिद के पास ऐसे समय पर हुई, जब लोग जुमे की नमाज के लिए इकट्ठा हो रहे थे. जानकारी के मुताबिक, यह भयानक फिदायीन हमला IMP की ‘अंजाम अल बद्र फिदायी ब्रिगेड’ ने किया था. मौके से आई सीसीटीवी फुटेज में पुष्टि हुई की एक व्यक्ति जिसने अपने शरीर पर विस्फोटक बांध रखे थे, उसने परिसर में घुसकर खुद को उड़ा लिया. जिसकी वजह से पूरा परिसर ही मलबे का ढेर बन गया.
ISI के तैयार किए आतंकी ने पाकिस्तानी हुकुमत के खिलाफ किया हमला
हाफिज गुल बहादुर की IMP की तरफ से हमले ने फिर एक बार पाकिस्तान के आतंकियों को पालने वाले इतिहास को कठघरे में लाकर खड़ा कर दिया है. IMP प्रमुख हाफिज गुल बहादुर को खुद पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI ने अफगान जिहाद के लिए तैयार किया था. शुरुआती दिनों में गुल बहादुर ने ट्रेनिंग मसूद अजहर के बन्नू स्थित ट्रेनिंग कैंप में की थी और अफगान जिहाद में शामिल हो गया.
अफगानिस्तान में जंग से 90 के दशक में वापस लौटकर हाफिज गुल बहादुर आतंकी मसूद अजहर के साथ जुड़ गया था और भारत पर हमला करने के लिए दत्ता खेल और मीरान शाह में जैश-ए-मोहम्मद के लिए आतंकी भर्ती करता था और अपना भी खुद का एक मदरसा चलाता था.
हालांकि, लाल मस्जिद कांड के बाद जब तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान (TTP) नाम के आतंकी संगठन का जन्म हुआ, तब हाफिज गुल बहादुर भी उन आतंकियों में शामिल हो गया, जिसने पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया और ये युद्ध पाकिस्तान के खिलाफ अभी तक जारी है.
KP के पुलिस प्रमुख ने क्या दी थी जानकारी?
वहीं, खैबर पख्तूनख्वा पुलिस प्रमुख जुल्फिकार हामिद ने कहा कि विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी ओल्ड पुलिस लाइन के गेट से टकराते हुए परिसर में स्थित मस्जिद की दीवार से टकराने के बाद ब्लास्ट हो गई. उन्होंने कहा कि मरने वाले 16 लोगों में 11 आम नागरिक और 5 पुलिसकर्मी शामिल हैं. इसके अलावा, आत्मघाती हमले में हमलावर भी मारा गया.
DHQ प्रमुख और पुलिस ने दी जानकारी
जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, जिला मुख्यालय (DHQ) अस्पताल के मेडिकल सुप्रीटेंडेंट (MS) ताहिर अली शाह ने बताया कि धमाके के बाद पहले 15 लोगों के शवों को और 50 से ज्यादा घायल लोगों को अस्पताल में लाया गया है. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल लाए जाने के बाद कोहाट स्थित DHQ अस्पताल के प्रशासन ने इमरजेंसी घोषित कर दी.
वहीं, स्थानीय पुलिस का कहना है कि यह भयानक विस्फोट जुमे की नमाज के दौरान हुआ और मस्जिद के बाहर की जमीन में एक बड़ा गड्ढा बन गया. पुलिस ने पहले कहा था कि धमाके से घायल लोगों में 2 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. जबकि विस्फोट के बाद पुलिस लाइंस इलाके में और ज्यादा संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है.
بریکنگ نیوز: کوہاٹ کی پرانی پولیس لائن مسجد میں زوردار دھماکہ
کوہاٹ کی پرانی پولیس لائن کی مسجد میں زوردار دھماکے کی اطلاع موصول ہوئی ہے۔
دھماکے کے بعد زخمیوں اور جانی نقصان کا خدشہ ظاہر کیا جا رہا ہے، تاہم حتمی تعداد تاحال سامنے نہیں آئی۔
واقعے کے بعد علاقے میں خوف و ہراس پھیل… pic.twitter.com/LT9H0MiVuc— Saleem Afridi (@SaleemAfridii) September 18, 2026
मस्जिद की दीवार गिरी, पास की इमारतें भी क्षतिग्रस्त
रिपोर्ट के मुताबिक, धमाके के बाद घटनास्थल पर कई एंबुलेंस, सुरक्षा बल समेत इमरजेंसी टीमों को तैनात किया गया. वहीं, रेस्क्यू टीम के अधिकारी ने कहा कि विस्फोट से मस्जिद का बाहरी हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया, एक दीवार भी ढह गई. इसके अलावा, यह विस्फोट इतना जोरदार था कि मस्जिद के आसपास की कई इमारतें में क्षतिग्रस्त हो गई हैं.
अधिकारियों ने कहा कि घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. साथ ही, विस्फोट से हुए नुकसान के आकलन के साथ इस धमाके के पीछे से असली कारण का पता लगाने के लिए जांच चल रही है. इस बीच, प्रशासन ने कोहाट-हंगू रोड पर किसी तरह की गाड़ियों को आने-जाने पर रोक लगा दी है. जबकि सरकारी रेडियो पाकिस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अन्य घटना में पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने दक्षिण-पश्चिम बलूचिस्तान प्रांत में दो अलग-अलग ऑपरेशनों में कुल 7 उग्रवादियों को मार गिराया है.
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