कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्षी सांसदों ने मंगलवार को संसद परिसर में अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान चोरी और छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस ज्यादती के विरोध में प्रदर्शन किया। सांसदों ने संसद के मकर द्वार के सामने सरकार के खिलाफ तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने “चंदा चोर, गद्दी छोड़” और “अमित शाह जवाब दो” जैसे नारे लगाए।

प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसद अपने साथ दान पेटियां भी लेकर पहुंचे। उनका कहना था कि ये राम मंदिर में कथित दान चोरी के मुद्दे का प्रतीक हैं। सांसद इन दान पेटियों के चारों ओर खड़े होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। कुछ सांसदों ने प्रतीकात्मक रूप से दान पेटियों में नकदी भी डाली, ताकि पहले किए गए दान और बाद में हुई कथित चोरी को दर्शाया जा सके।
विपक्ष के प्रदर्शन में कौन-कौन हुआ शामिल?
प्रदर्शन में कांग्रेस की प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी की डिंपल यादव और धर्मेंद्र यादव, तृणमूल कांग्रेस की सागरिका घोष, राष्ट्रीय जनता दल के संजय यादव और मनोज झा तथा आरएसपी के एन.के. प्रेमचंद्रन सहित कई विपक्षी सांसद शामिल हुए। प्रदर्शनकारी सांसद एक बड़े बैनर के पीछे खड़े थे, जिस पर लिखा था, “अमित शाह संसद से अनुपस्थित क्यों?”। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ भी नारे लगाए।
संसद में विपक्ष की रणनीति?
इंडिया गठबंधन ने पहले ही घोषणा की है कि वह राम मंदिर में कथित दान चोरी और पिछले सप्ताह छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित “बल प्रयोग” के मुद्दे पर सरकार को संसद में घेरने का प्रयास करेगा। इसी के चलते मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा में हंगामे के चलते दोपहर दो बजे तक के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
इससे पहले मंगलवार सुबह संसद परिसर में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कक्ष में इंडिया गठबंधन के घटक दलों के फ्लोर नेताओं की बैठक हुई। बैठक में कथित “चंदा चोरी” और छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित “पुलिस ज्यादती” के मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा की गई।
