राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर आज विज्ञान भवन में आयोजित एक समारोह में 21 शिक्षकों और संकाय सदस्यों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान करेंगी। ये शिक्षक उच्च शिक्षा संस्थानों और पॉलिटेक्निक संस्थानों से चुने गए हैं।

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष पुरस्कार के लिए केंद्रीय उच्च शिक्षा संस्थानों के 12 शिक्षक, राज्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के 5 शिक्षक तथा पॉलिटेक्निक संस्थानों के 4 शिक्षक चुने गए हैं। इनमें सरकारी और निजी दोनों संस्थानों के शिक्षक शामिल हैं।
राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन माध्यम से NAT 2026 के लिए नामांकन आमंत्रित किए गए थे, जिसमें जन भागीदारी के अंतर्गत स्वयं, संस्था और सहपाठियों के नामांकन का प्रावधान शामिल था। नामांकन 26 मई से 20 जुलाई तक आमंत्रित किए गए थे।
चयन के लिए क्या रहे मुख्य मापदंड?
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए शिक्षकों और संकाय सदस्यों का चयन उनके बेहतर प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है। इसके लिए पढ़ाने की प्रभावशीलता, छात्रों और समाज के लिए किए गए कार्य, शोध एवं नए प्रयोग, प्रायोजित शोध, शिक्षक विकास कार्यक्रम और मार्गदर्शन जैसे कई पहलुओं को देखा जाता है।
पुरस्कार पाने वालों में राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) के फोरेंसिक फार्मेसी के प्रोफेसर, डीन और ड्रग एवं फूड फोरेंसिक्स केंद्र के प्रमुख डॉ. जयराजसिंह सरवैया भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार मिलना उनके लिए बहुत बड़ा सम्मान है।
उन्होंने बताया, “यह हमारे लिए हमेशा खुशी और गर्व की बात है। यह न केवल हमारे प्रयासों की पहचान है, बल्कि उस जगह की भी पहचान है जहां हम काम कर रहे हैं… यह उन प्रयासों की पहचान है जो हमने वर्षों से किए हैं और हर किसी की कड़ी मेहनत की पहचान है। अगर सरकार खुद इसे मान्यता देती है, तो यह इस देश की संस्कृति को दर्शाता है। हमें उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में हम इस देश के लिए और भी अच्छे काम कर पाएंगे।”
