जन्माष्टमी से एक दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रजवासियों को 1051 करोड़ रुपये की 229 विकास परियोजनाओं की सौगात देकर खुशियों की ‘मटकी’ भर दी। स्वामी श्रीहरिदास प्रेक्षागृह के लोकार्पण के साथ मुख्यमंत्री ने संतों को सम्मानित किया और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता राशि, स्वीकृति पत्र, प्रमाण पत्र, चेक और चाबियां प्रदान कीं। प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 (शहरी) और मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 7240 लाभार्थियों को सहायता राशि का वितरण किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी परिसर में 42.15 करोड़ रुपये की लागत से बने स्वामी श्री हरिदास प्रेक्षागृह का बटन दबाकर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, स्वीकृति पत्र, प्रमाणपत्र और चाबियां साैंपने के साथ ही संतों का सम्मान किया। वहींं, तीन बच्चों का अन्नप्राशन और दो महिलाओं की गोदभराई कराकर ब्रजवासियों के सीधे दिल में उतरने का काम किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी परिसर में पारिजात का पौधा लगाया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में संतों को शॉल, माला, फलों की टोकरी और प्रसाद भेंटकर सम्मानित किया।
महंत विजय कौशल दास, फूलडोल दास, सुतीक्ष्णदास महाराज, बलरामदास, रामदेवानंद, गोविंद नंद तीर्थ, अनंतवीर महाराज, सनत जी महाराज, स्वामी महेशानंद गिरी, किशोर दास देवजू, सुंदर दास, राम स्वरूप ब्रह्मचारी, लाडली शरण महाराज और हरिशंकर नागा को सम्मानित किया। कार्यक्रम में हनुमान प्रसाद धानुका स्कूल की 15 छात्राओं ने ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया। इसके बाद ‘कलर्स ऑफ कृष्णा’ के कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। शिवोअहं प्रोडक्शन के 51 कलाकारों ने देश की विभिन्न नृत्य शैलियों के जरिए श्रीकृष्ण के अलग-अलग स्वरूप और भाव प्रस्तुत किए। इस प्रस्तुति की कोरियोग्राफी बीएचयू वाराणसी की कथक नृत्यांगना शिवानी मिश्रा ने की। वहीं पूर्व आईएएस आराधना जौहरी की पुस्तक का भी लोकार्पण किया।
विदेशी आक्रांताओं ने मंदिरों को तोड़ा, लेकिन हमारी भक्ति नहीं डिगा पाएः योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने भले ही हमारे मंदिरों को तोड़ा, लेकिन वे हमारी भक्ति को कभी डिगा नहीं पाए। सनातनी परंपरा कभी समाप्त नहीं हुई। मथुरा इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। सीएम बृहस्पतिवार को वृंदावन के गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी में स्वामी श्री हरिदास प्रेक्षागृह समेत 1051 करोड़ की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कर रहे थे। उन्होंने इस माैके पर 540 करोड़ से अधिक की 62 परियोजनाओं का लोकार्पण, 437 करोड़ से अधिक लागत की 167 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। साथ ही आवास योजना के लाभार्थियों के खाते में 72 करोड़ से अधिक की धनराशि स्थानांतरित की।
सीएम ने कहा कि हम लोगों ने लंबे समय तक विकास को केवल सड़क, बिजली, पानी, भवन और उद्योग के चश्मे से देखने की कोशिश की। विकास के नाम पर विरासत का अपमान होता रहा। इतिहास के नायकों को भारतीय स्मृति से मिटाने की कोशिश हुई। पहले विदेशी आक्रांताओं, फिर अंग्रेजों ने हमारे इतिहास और ऐतिहासिक चिन्हों को नष्ट किया। केशव देव मंदिर ने आक्रांताओं के कई आक्रमण सहे पर क्या वे कृष्ण या राधारानी के अस्तित्व को मिटा पाए। क्या वृंदावन की भक्ति रुक गई या गोवर्धन की परिक्रमा को रोक पाए। न जन्माष्टमी का आयोजन रुका और न ही वृंदावन की भक्ति। न बरसाना की होली थमी और न गोवर्धन की परिक्रमा। यही है सनातन और ब्रज की शक्ति। यही हमारा सनातन है और यही ब्रज की शक्ति है। पूर्ववर्ती सरकारों ने तो हमारी विरासत की उपेक्षा व अपमान की हद पार कर दी।
2017 से पहले उत्सव नहीं, उपद्रव होता था
सीएम ने कहा कि अब मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोवर्धन, बलदेव क्षेत्र जिस विरासत और उत्सव के लिए जाना जा रहा है वर्ष 2017 के पहले यह संभव नहीं था। मेरठ, अलीगढ, बरेली में दंगे हुए। पूर्व की सरकारी दंगाइयों को सीएम आवास में बुलाकर सम्मान देती रही। अब यहां यह दाैर समाप्त हो गया है। कर्फ्यू और दंगे से मुक्त उत्तर प्रदेश में अब पर्यटक आ रहे हैं। कानून का राज है। मां-बेटी तभी निर्भय होकर बाहर निकलेंगी, जब उसका शासन पर विश्वास होगा।
540.60 करोड़ के काम पूरे, 437.64 करोड़ की परियोजनाओं की नींव
मुख्यमंत्री ने कुल 540.60 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और 437.64 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें सड़क, पुल, पेयजल, सीवर, प्रकाश व्यवस्था, पर्यटन सुविधाएं, परिक्रमा मार्ग, प्रवेश द्वार, सौंदर्यीकरण और यात्री सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं। परियोजनाओं में यमुना एक्सप्रेसवे से वृंदावन के पागल बाबा मंदिर तक 7.278 किलोमीटर लंबे चार लेन मार्ग और यमुना नदी पर दो लेन सेतु का निर्माण प्रमुख है। इस परियोजना पर 251.55 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पुलिस लाइन में जी प्लस 12 के चार ब्लॉक वाले ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण मथुरा-वृंदावन नगर निगम और मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की परियोजनाओं में पेयजल पाइपलाइन, सीवर लाइन, नलकूप, स्ट्रीट लाइट, फसाड लाइटिंग, परिक्रमा मार्ग का विकास, प्रवेश द्वार, पर्यटक सुविधाएं और धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण शामिल है।
आने वाले समय में फ्लाईओवर, पर्यटन केंद्र और बेहतर सुविधाएं
शिलान्यास की परियोजनाओं में यमुना एक्सप्रेसवे लिंक रोड के पास पागल बाबा मंदिर तिराहे पर दो लेन फ्लाईओवर का निर्माण भी शामिल है। इसके अलावा गोवर्धन में पर्यटन सुविधा केंद्र, बरसाना में पार्किंग व होल्डिंग एरिया, कोकिलावन परिक्रमा मार्ग पर रिटेनिंग वॉल, विभिन्न मार्गों का सौंदर्यीकरण, सीसीटीवी, पीए सिस्टम और आईटीएमएस जैसी सुविधाओं से जुड़े कार्य किए जाएंगे। वहीं नगर निगम की ओर से बड़ी संख्या में सड़क, नाली, सीसी सड़क और इंटरलॉकिंग के कार्य भी प्रस्तावित हैं। इनसे शहर और आसपास के क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर सड़क व जल निकासी की सुविधाओं में सुधार होगा।
7060 शहरी परिवारों को एक-एक लाख, 180 सपेरा परिवारों को 1.20 लाख
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत मथुरा-वृंदावन नगर निगम क्षेत्र के 7,060 लाभार्थियों को एक-एक लाख रुपये की सहायता दी गई। मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत सपेरा समुदाय के 180 लाभार्थियों को 1.20 लाख रुपये की सहायता मिली। मंच पर श्यामवती और ममता को मुख्यमंत्री आवास योजना के स्वीकृति पत्र और आवास की चाबी दी गई। आवास की चाबी हाथ में आते ही लाभार्थियों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। कृषि विभाग की सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना के तहत मुख्यमंत्री ने सुनहरी लाल और अजय कुमार को ट्रैक्टर की सांकेतिक चाबी सौंपी। जिले में इस योजना के तहत नौ लाभार्थियों को चार लाख रुपये प्रति लाभार्थी की दर से कुल 36 लाख रुपये का अनुदान दिया गया है।
गोद में लेकर दुलारा, बच्चों को खिलाई खीर
कार्यक्रम का सबसे भावुक दृश्य उस समय देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री ने नन्हे-मुन्नों को गोद में उठाकर दुलारा। युवान, कान्हा और चेष्टा का अन्नप्राशन संस्कार कराया। बच्चों के माथे पर चंदन लगाया और अपने हाथों से खीर खिलाई। बच्चों को पोषण किट, हिमालया किट, खिलौने और मिष्ठान दिए गए। मुख्यमंत्री ने पार्वती और मनसा की गोदभराई भी की। दोनों महिलाओं को पोषण किट, मिष्ठान और साड़ी भेंट की गई।
प्रदर्शनी में गोबर से बने उत्पाद से लेकर ठाकुरजी की पोशाक तक देखी
मुख्यमंत्री ने गीता शोध संस्थान परिसर में लगी प्रो-पुअर प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने तुलसी की माला, ठाकुरजी की पोशाक, फूलों से तैयार उत्पाद, गोबर से बने उत्पाद, खाद्य सामग्री और नर्सरी से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित किए। उन्होंने एकीकृत पुष्प प्रबंधन केंद्र, तुलसी फसल भंडार एवं उत्पादन केंद्र जैत, सेंटर फॉर लिविंग ट्रेडिशन्स और राधाकृष्ण पोशाक सेंटर के प्रतिरूप भी देखे। स्टॉलों पर मौजूद महिलाओं और उद्यमियों ने मुख्यमंत्री को अपने उत्पाद और काम की जानकारी दी।


