गृह मंत्रालय के साथ नौ सितंबर को हुई बैठक को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई, लेकिन इससे कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। वांगचुक के मुताबिक, बैठक में चार महीने पहले लिए गए फैसलों को ही दोहराया गया।
#WATCH | Delhi | On his meeting with MHA, Social activist Sonam Wangchuk says, “…We are somewhat disappointed. Although the meeting took place in a very cordial atmosphere, nothing concrete emerged from it. All that transpired was a reiteration of the decisions made four months… pic.twitter.com/1g3N4JoftI
— ANI (@ANI) September 10, 2026
वांगचुक ने कहा कि उन्हें लगा कि नौ सितंबर की बैठक केवल समय हासिल करने और 10 सितंबर को लद्दाख में प्रस्तावित प्रमुख पदयात्रा को टालने की रणनीति थी। उन्होंने कहा कि वे एक सप्ताह तक इस आश्वासन का इंतजार करेंगे कि लद्दाख को प्रभावित करने वाले कोई बड़े फैसले तब तक नहीं लिए जाएंगे, जब तक क्षेत्र में लोकतांत्रिक ढांचा स्थापित नहीं हो जाता।
सोनम वांगचुक ने कहा कि ‘तब तक केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन को लद्दाख के स्वरूप और भू-दृश्य को बदलने की कोशिशों पर रोक लगानी चाहिए। साथ ही क्षेत्र के वैध लोकतांत्रिक ढांचे को बहाल किया जाना चाहिए और प्रशासन को उस निकाय के साथ मिलकर काम करना चाहिए।’ वांगचुक ने सवाल उठाया कि यदि प्रशासन पहले ही एकतरफा तरीके से सब कुछ बदल देगा, तो भविष्य में चुनी जाने वाली विधानसभा की भूमिका ही क्या रह जाएगी?


