गोंडा में दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहे व्यापारी विनोद कुमार साहनी (45) की बुधवार रात रास्ते में घेरकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में नामजद दस आरोपियों में से दो को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार हत्या के पीछे सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की रंजिश सामने आई है।

रेक्सड़िया मल्लाहन पुरवा गांव निवासी विनोद कुमार साहनी शाहपुर बाजार में बर्तन की दुकान चलाते थे। बुधवार रात करीब आठ बजे वह दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहे थे। लल्लन यादव की दुकान के पास पहुंचते ही चार बाइकों से आए दस लोगों ने उनकी बाइक रोक ली। आरोप है कि हमलावरों ने विनोद को घेरकर पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद कांता और भाला से हमला कर दिया।
गंभीर रूप से घायल होकर विनोद सड़क पर गिर पड़े। हमलावर उन्हें मृत समझकर वहां से भाग निकले। हमले के दौरान विनोद ने तीन हमलावरों को पहचान लिया था। परिजन उन्हें पहले सीएचसी ले गए, जहां से मेडिकल कॉलेज गोंडा भेजा गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, घटना के विरोध में केजीएमयू के शवगृह के बाहर नेताओं ने धरना दिया।
कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद, वीआईपी पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी और सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल कश्यप धरने पर बैठे। नेताओं ने विनोद निषाद की हत्या के मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। धरने के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक भी मौजूद रहे। प्रदर्शन को देखते हुए केजीएमयू परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई।

