दिल्ली के भरथल गांव में रक्षा मंत्रालय की एक कर्मचारी की कथित आत्महत्या के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। मृतका के पति और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों पर आरोप लगाए गए हैं। यह एफआईआर मृतका के माता-पिता की शिकायत के बाद 22 अगस्त 2026 को दर्ज की गई।

21 अगस्त 2026 को शाम करीब सवा चार बजे थाना सेक्टर-23, द्वारका को कथित आत्महत्या की सूचना मिली थी। एसआई सतपाल डागर पुलिसकर्मियों के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और संबंधित एसडीएम को सूचित किया। इसके बाद शव को डीडीयू अस्पताल की मोर्चरी में भेजा गया। मृतका की पहचान 30 वर्षीय नाजिया खानम के रूप में हुई। वह रक्षा मंत्रालय में एएसओ के पद पर कार्यरत थीं। नाजिया का विवाह 11 अप्रैल 2026 को मोहम्मद आजम अली खान से हुआ था। 21 अगस्त को मृतका के परिवार ने कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिए थे। इन बयानों में उन्होंने ससुराल पक्ष पर कोई संदेह या आरोप नहीं लगाया था।
बाद में दर्ज हुई शिकायत
22 अगस्त 2026 को नाजिया के माता-पिता दोबारा एसडीएम के समक्ष उपस्थित हुए। उन्होंने एक अतिरिक्त बयान/शिकायत प्रस्तुत की। इस शिकायत में उन्होंने पति और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों पर आरोप लगाए। इन आरोपों के आधार पर थाना सेक्टर-23, द्वारका में एफआईआर नंबर 214/2026 दर्ज की गई। यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता की धारा 85/108 के तहत दर्ज की गई है।
तीन महीने की गर्भवती थीं नाजिया
एफआईआर के अनुसार, नाजिया के पिता ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को उसके पति, सास समीमुन निशा और ससुर बाबर अली खान की ओर से लगातार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि ससुराल पक्ष के लोग नाजिया के साथ दुर्व्यवहार करते थे, मारपीट करते थे और उसे धमकाते थे। शिकायत में यह भी कहा गया है कि नाजिया करीब तीन महीने की गर्भवती थीं और उन्होंने फोन पर अपने परिवार को कथित उत्पीड़न के बारे में बताया था।
पुलिस जांच जारी
पुलिस ने बताया कि आजम ने जांचकर्ताओं को बताया कि घटना से पहले दंपती के बीच विवाद हुआ था। एफआईआर में दर्ज उसके बयान के अनुसार, नाजिया ने कथित तौर पर उसे एक कमरे में बंद कर दिया और खुद दूसरे कमरे में चली गईं। इसके बाद आजम ने मकान मालिक को सूचना दी। मकान मालिक की मदद से वह कमरे से बाहर आया, जिसके बाद नाजिया पंखे से लटकी मिलीं। पुलिस ने बताया कि मामले में सभी आवश्यक कानूनी और प्रक्रियात्मक कदम उठाए गए हैं तथा आगे की जांच जारी है।
