चीन जल्द ही चांद के लिए अपना नया चंद्र मिशन लॉन्च करने वाला है। जानकारी के मुताबिक, अपने चांगई-7 मिशन को चीन सोमवार सुबह से लेकर अगले कुछ दिनों में सही मौका देखकर लॉन्च कर सकता है। चीन का यह मिशन इस लिए भी अहम है, क्योंकि इसके जरिए वह चांद के दक्षिणी ध्रुव पर अपना रोवर उतारना चाहता है, जहां सूरज की रोशनी नहीं पहुंचती। मजेदार बात यह है कि भारत करीब तीन साल पहले ही चांद के इस इलाके में अपने रोवर की सफल लैंडिंग कराने वाला पहला देश बन चुका है। यानी चीन जिस रेस में पहले ही पिछड़ चुका है, अब वहां बराबरी की कोशिश में जुटा है।


ऐसे में यह जानना अहम है कि भारत से पिछड़ने के बावजूद चीन का यह मिशन क्यों अहम है? क्यों कई देशों की अपने मिशन को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर भेजने की कोशिशें नाकाम हो चुकी हैं? अब चीन इस मिशन के जरिए क्या हासिल करना चाहता है? भारत फिलहाल दक्षिणी ध्रुव पर रिसर्च के मामले में किस पड़ाव पर है? आइये जानते हैं…
