राजधानी में स्वाइन फ्लू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। तीन नए मरीजों में इसकी पुष्टि हुई है। इनमें से दो मरीज बलरामपुर अस्पताल के स्वाइन फ्लू वार्ड में और एक लोहिया संस्थान में भर्ती है। इंदिरानगर, आदिलनगर का एक-एक मरीज स्वाइन फ्लू की चपेट में आया है। सर्दी-जुकाम, बुखार, गले में खराश के बाद इन्होंने निरालानगर स्थित निजी पैथोलॉजी सेंटर में जांच कराई थी। रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। सांस लेने में तकलीफ होने पर दो मरीजों को परिजनों ने बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया। सीएमएस डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी ने बताया कि मरीजों में स्वाइन फ्लू के हल्के लक्षण है। उधर, लोहिया संस्थान में भर्ती तीसरे मरीज की हालत में सुधार है।
सीएमओ ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
सीएमओ ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के हेल्पलाइन नंबर 0522-2622080 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने अपील की है कि बुखार, जुकाम, खांसी या इस तरह के दूसरे लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर डॉक्टर से सलाह लें। जरूरत पड़ने पर जांच कराएं। लोगों से खुद दवा लेने या किसी अप्रशिक्षित व्यक्ति से इलाज कराने से बचने की अपील की।
एसजीपीजीआई में कोरोना, स्वाइन फ्लू के आठ-आठ मरीज मिले
एसजीपीजीआई में बीते 15 दिनों में स्वाइन फ्लू और कोरोना के 16 रोगी मिले हैं। इनमें स्वाइन फ्लू और कोरोना के आठ-आठ रोगी हैं। संस्थान ने इनकी रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय को भेजी है। संस्थान प्रशासन का कहना है कि सभी मरीजों में संक्रमण के हल्के लक्षण हैं।
एसजीपीजीआई के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. रूंगमेई एसके मारक का कहना है कि इस मौसम में इन्फ्लुएंजा का खतरा है। भर्ती 16 मरीजों में आधे से ज्यादा में ऑपरेशन से पहले हुई जांच में कोरोना और स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। अन्य की लक्षण के आधार ओपीडी में हुई जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
मरीजों से मास्क लगाने की अपील
एसजीपीजीआई प्रशासन की अपील है कि संक्रमण से बचाव के लिए सभी मास्क पहनें। हाथों को साफ रखें और भीड़-भाड़ वाले इलाके में जाने से बचें। कोई लक्षण दिखे तो खुद को आइसोलेट कर सावधानियों का पालन करें। एसजीपीजीआई के सीएमएस डॉ. देवेंद्र गुप्ता ने स्वाइन फ्लू के नए रोगी मिलने से इन्कार किया है। उन्होंने बताया कि कोरोना का एक मरीज भर्ती था। ठीक होने पर उसकी छुट्टी कर दी गई है।
