लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

यूक्रेन के खिलाफ आखिरी विकल्प से पहले पुतिन का बड़ा कदम, अब क्या करेंगे जेलेंस्की

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा जंग अब सबसे खतरनाक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने खुफिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि व्लादिमीर पुतिन रूसी सेना में और ज्यादा सेनाओं की भर्ती की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि  21 सितंबर को रूस के ‘ड्यूमा’ (संसद) चुनावों के बाद ऐसा करना चाहते हैं. जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि पुतिन अपने देश की जनता से डरते हैं और इसलिए वे इसका ऐलान खुलेआम नहीं करेंगे.

5 लाख लोगों को सेना में भर्ता करना चाहते पुतिन: जेलेंस्की

स्काई न्यूज को दिए इंटरव्यू में जेलेंस्की ने कहा, ‘अगर हमने रूस के हथियार, ईंधन, लॉजिस्टिक के रास्तों में रुकावट नहीं डाली और अगर दुनिया के देशों ने उनपर कड़े प्रतिबंध नहीं लगाए तो वे अक्टूबर के पहले हफ्ते में ही यह काम शुरू कर देंगे. यह बहुत बड़ा खतरा होगा क्योंकि वह 3,00,000 से 5,00,000 फाइटर को सेना में भर्ती करना चाहते हैं. इतनी बड़ी संख्या में लोगों को भर्ती करना उनके लिए बहुत मुश्किल नहीं है. ऐसा करने पर उन्हें अंदरूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. मैंने सर्वे देखा है कि वहां के लोग सेना में भर्ती के खिलाफ हैं.’

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा, ‘रूस में एक बड़ा हिस्सा युद्ध के भी खिलाफ है, लेकिन फिर भी वे पुतिन का समर्थन करते हैं. वह इन लोगों को जल्दी ट्रेनिंग नहीं दे पाएंगे. इसका मतलब ये है कि वह फिर से कम ट्रेनिंग वाले लोगों को युद्ध के मैदान में भेज देंगे, जिससे बहुत भारी संख्या में जानें जाएंगी.’

आखिरी विकल्प इस्तेमाल कर सकता रूस: तुर्किए

यूक्रेन की ओर से रूस के अंदरूनी इलाकों पर लगातार किए जा रहे हमलों के बीच तुर्किए के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि यह युद्ध पुतिन को ऐसे मोड़ पर पहुंचा सकता है जहां वे अपना आखिरी विकल्प यानी परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘जब सीमा पर चल रहा युद्ध देश के अंदरूनी इलाकों पर पहुंच जाता है तब सवाल जंग जीतने या हारने का नहीं रह जाता है, बल्कि अस्तित्व को बचाने का बन जाता है. ऐसी स्थिति में इंसान अपने पास मौजूद आखिरी हथियार इस्तेमाल करता है.’

उन्होंने दोनों देशों के बीच की मौजूदा स्थिति को खतरनाक बताते हुए कहा कि इस पर पश्चिमी देशों से भी चर्चा की गई है. उन्होंने कहा कि रूस दौरे के दौरान ऐसा लगा कि रूसी जनता की तरफ से भी इस तरह के कड़े कदम उठाने की मांग उठ रही है.

रूस और यूक्रेन के बीच भीषण हमले जारी

संयुक्त राष्ट्र (UN) के अनुसार, इस साल दोनों ही देशों ने एक-दूसरे पर दूर तक मार करने वाले मिसाइलों से हमला तेज किया है, जिस वजह से आम नागरिकों की मौतों का आंकड़ा काफी बढ़ा है. हाल ही में यूक्रेन की ओर से रूस के भीतरी इलाके ‘तातारस्तान’ पर किए गए एक ड्रोन हमले में 13 लोगों की जान चली गई. पिछले चार सालों से चल रहे इस युद्ध में यह यूक्रेन की ओर से किए गए सबसे घातक हमलों में से एक था.

दूसरी तरफ रूस भी लगातार यूक्रेन पर घातक हमला जारी रखे हुए हैं. यूक्रेन के स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, उत्तर-पूर्वी खारकीव इलाके के एक गांव में रूसी आर्टिलरी से हुए हमले में 5 आम नागरिकों की मौत हो गई. रूसी रक्षा मंत्रालय का दावा है कि उसने रात भर में यूक्रेन के 456 ड्रोनों को मार गिराया. यूक्रेन की वायु सेना ने बताया कि रूस ने उस पर रात भर के हमले में 126 ड्रोन दागे थे.


]
Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment