मुरादाबाद पहुंचे ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह देश के युवाओं के संघर्ष, जद्दोजहद और कुर्बानी की बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि यह हक की झूठ पर जीत है।

यह उन तमाम नौजवानों की कामयाबी है जिन्होंने अपने अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि मोदी सरकार यह समझती है कि वह कुछ भी कर सकती है, तो इस आंदोलन ने साफ संदेश दे दिया है कि देश में तानाशाही नहीं चलेगी।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को संविधान के दायरे में रहकर ही चलाना होगा। ओवैसी ने उम्मीद जताई कि भविष्य में राष्ट्रीय या राज्य स्तर की किसी भी प्रतियोगी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाएं नहीं होंगी और युवाओं का विश्वास कायम रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने पर उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुसलमानों के पास अब बड़ा राजनीतिक विकल्प है और आने वाले विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी बेहतर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में एआईएमआईएम की आवाज उत्तर प्रदेश विधानसभा में भी सुनाई देगी।
जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन का उल्लेख करते हुए ओवैसी ने कहा कि धरना दे रहे युवाओं ने ऐसा जनदबाव बनाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस मुद्दे पर रात को वीडियो बनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि युवाओं के लोकतांत्रिक संघर्ष ने सरकार को फैसला बदलने के लिए मजबूर किया।

