लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

महिला आरक्षण और परिसीमन पर बिल एक साथ क्यों?:गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में दिया जवाब, विरोध में क्या तर्क? – Women Reservation Along With Delimitation Home Minister Shah Explains In Lok Sabha Know Arguments In Detail

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

संसद में आज आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों को लेकर जोरदार राजनीतिक बहस चल रही है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर सरकार इन दोनों अहम मुद्दों को एक साथ क्यों आगे बढ़ा रही है? अब इसी पर जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में साफ कहा कि दोनों विधेयकों को साथ लाने का उद्देश्य महिला आरक्षण को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाना है। यह बयान उन्होंने कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल की आपत्ति के जवाब में दिया, जिसमें उन्होंने कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव का विरोध किया था।

सरकार का कहना है कि महिला आरक्षण को लागू करने के लिए परिसीमन जरूरी प्रक्रिया है। इसी वजह से दोनों विधेयकों को एक साथ पेश किया गया है, ताकि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को सही तरीके से लागू किया जा सके और लोकसभा व विधानसभा में सीटों का पुनर्गठन किया जा सके।

ये भी पढ़ेंः- महिला आरक्षण पर कांग्रेस: सोनिया गांधी ने कहा- पार्टी स्पष्ट कर चुकी है, कुछ कहना बाकी नहीं; खरगे क्या बोले?

केसी वेणुगोपाल ने किया विधेयक का विरोध

बता दें कि अमित शाह का ये जवाब कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल के जवाब में आया है। उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक और अन्य विधेयकों को एक साथ लाना सही संसदीय प्रक्रिया नहीं है और यह नियमों के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा करना ठीक नहीं होगा और इसके परिणाम भी हो सकते हैं।

अमित शाह ने दिया करारा जवाब

इस पर जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित साह ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन और सामान्य विधेयकों पर मतदान की प्रक्रिया अलग होती है, इसलिए दोनों को साथ लाने में कोई दिक्कत नहीं है। अमित शाह ने यह भी कहा कि महिला आरक्षण को पूरी तरह लागू करने के लिए इन सभी विधेयकों को एक साथ लाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि इनका विषय एक ही है, इसलिए इन्हें साथ में चर्चा के लिए लाया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले भी ऐसे उदाहरण रहे हैं, जब एक साथ कई विधेयकों पर चर्चा हुई है, जैसे 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समय हुआ था।

ये भी पढ़ेंः- अखिलेश का वार: धोखे से लागू करना चाहते हैं आरक्षण, शाह का पलटवार- आपका बस चले तो घरों की भी जाति तय कर दें



विपक्ष का विरोध क्यों?


दूसरी ओर विपक्ष का आरोप है कि इन दोनों विधेयकों को एक साथ लाकर राजनीतिक और चुनावी संतुलन में बदलाव करने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार को पहले अलग-अलग तरीके से चर्चा करनी चाहिए थी। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल रही है। सरकार इसे सुधार प्रक्रिया बता रही है, जबकि विपक्ष इसे असंतुलन पैदा करने वाला कदम मान रहा है।



 

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Earthquake:इटली के तट पर देर रात भूकंप से कांपी धरती, 6.1 रही तीव्रता; दक्षिणी कैलाब्रिया क्षेत्र प्रभावित – Earthquake Strikes Off Italy 6.1 Magnitude Struck Off Coast Of Southern Calabria Region

आज के दिन:ममता बनर्जी का शुभेंदु सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन, मुंबई के दौरे पर रहेंगे म्यांमार के राष्ट्रपति – 2 June 2026 Major Events

‘क्या बकवास कर रहे हो?’:अचानक नेतन्याहू पर भड़के राष्ट्रपति ट्रंप, लेबनान में कार्रवाई को लेकर हुए नाराज – Donald Trump Blasts Netanyahu In Call Over Lebanon Strikes Says Report

Neet Controversy:दिग्विजय सिंह ने Pm मोदी के जवाबदेही मॉडल को सराहा, संसदीय समिति के सामने पेश हुए Nta अफसर – Digvijaya Singh Praises Pm Modi Accountability On Neet While Rahul Gandhi Attacks Cbse Fees

Top News:केरल में मानसून की आहट, बेअसर नौतपा; सुप्रीम कोर्ट को मिलेंगे पांच नए जज; Bjp चलाएगी विशेष अभियान – Top News Monsoon Kerala Update Supreme Court New Judges Delhi Water Crisis

Delhi:जनवरी से मई में पिछले आठ साल का सबसे बेहतर एक्यूआई, औसत एक्यूआई 211 किया गया दर्ज – Best Aqi In The January-to-may Period In The Last Eight Years Average Aqi Recorded At 211 In Delhi

Leave a Comment