मणिपुर में हिंसा की दो अलग-अलग घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। नोनी जिले में एक सशस्त्र संगठन के दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी में एक उग्रवादी की मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हुए हैं। वहीं, थौबल जिले में एक तेल पंप के भीतर ग्रेनेड फेंके जाने से धमाका हुआ, हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

नोनी में दो गुटों के बीच क्यों हुई गोलीबारी?
पुलिस के मुताबिक, शनिवार तड़के नोनी जिले में जेलियांगरोंग यूनाइटेड फ्रंट-कामसन (ZUF-K) और जेलियांगरोंग यूनाइटेड फ्रंट-जेंचुई (ZUF-J) के कैडरों के बीच टकराव हुआ। इस दौरान दोनों पक्षों में गोलीबारी हुई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और छह लोग घायल हो गए। पुलिस ने मृतक की पहचान 37 वर्षीय जांगैलिंग गोनमेई के रूप में की है।
पुलिस के अनुसार, घायलों में से पांच को इंफाल स्थित जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सभी की हालत फिलहाल स्थिर है। एक अन्य घायल को इंफाल के ही एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
थौबल में तेल पंप पर ग्रेनेड से धमाका
मणिपुर के थौबल जिले में भी शनिवार शाम एक अलग घटना सामने आई। पुलिस के मुताबिक, कुछ अज्ञात लोगों ने एक तेल पंप पर ग्रेनेड फेंका। आरोपी शाम करीब 6:30 बजे एक कार से वहां पहुंचे और परिसर के अंदर खड़े एक तेल टैंकर के पास ग्रेनेड फेंक दिया। धमाके से इलाके में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों की पहचान के लिए तेल पंप और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले के पीछे कौन लोग थे और घटना का मकसद क्या था।

