
Month End Money Management: नौकरीपेशा लोगों के लिए मंथ एंड में जेब खाली होना आम बात है. लेकिन कुछ स्मार्ट तरीकों से इसका आसान हल निकाला जा सकता है. बढ़ती महंगाई में कम बजट में गुजारा करना हर नौकरीपेशा व्यक्ति के लिए परेशानी का सबब बन जाता है. इसीलिए अतिरिक्त पैसों की सख्त जरूरत आन पड़ती है. कुछ व्यावहारिक तरीकों से हम अतिरिक्त पैसे कमा सकते हैं, जिससे मंथ एंड में भी आजीविका सुचारु रूप से चल सकती है.
फिजूलखर्ची पर लगाएं लगाम और घर का खाना अपनाएं
सबसे पहले खर्च कम करने के लिए होटल और ऑनलाइन फूड डिलीवरी पूरी तरह से रोक दें. घर में मौजूद राशन से सिंपल खाना बनाएं. अक्सर हम घर में रखे पास्ता और सूजी को भूल जाते हैं, ये शाम के समय स्नैक्स का बेहतरीन विकल्प बन सकते हैं. इससे बाहर के खाने पर होने वाला खर्च बचेगा, जो आपके छोटे-मोटे खर्चों की पूर्ति करेगा. साथ ही अगर आप मंथ एंड में बाहर जाने की सोच रहे हैं, तो उसे तत्काल टाल दें. इसकी जगह आप घर पर ही यूट्यूब और फ्री ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर मनोरंजन के कई विकल्प खोज सकते हैं.
सफर के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का करें इस्तेमाल
अगर घर के पास ही किसी जगह काम के सिलसिले में जाना हो, तो पब्लिक ट्रांसपोर्ट यानी बस और मेट्रो का इस्तेमाल करें. इससे आप आराम से सफर भी कर पाएंगे और महंगी कैब पर होने वाला खर्च भी बचेगा.
कबाड़ व पुराने सामान से तुरंत जुटाएं कैश
अगर थोड़े पैसों की तुरंत जरूरत हो, तो घर में रखे पुराने रद्दी, अखबार और काम न आने वाले गैजेट्स बेच दें. इससे तुरंत कैश मिल जाएगा, जिससे मंथ एंड के खर्चों में थोड़ी आसानी होगी.
साइड इनकम के लिए फ्रीलांसिंग या ट्यूशन का सहारा लें
अगर आपके पास लैपटॉप और स्मार्टफोन मौजूद है, तो आप फ्रीलांसिंग से साइड इनकम कर सकते हैं. अगर आपकी स्किल्स अच्छी हैं, तो कमाई भी अच्छी-खासी हो सकती है. डेटा एंट्री, कंटेंट राइटिंग और ग्राफिक डिजाइनिंग जैसा काम करके आप मंथ एंड का गुजारा आराम से कर सकते हैं. वहीं अगर आप यह सब करने में सक्षम नहीं हैं, तो बच्चों को होम ट्यूशन पढ़ा सकते हैं, यहां से भी ठीक-ठाक कमाई हो सकती है.
जरूरत पड़ने पर अपनों से लें मदद या क्रेडिट कार्ड का करें इस्तेमाल
मंथ एंड में अगर आपके पास कोई चारा न बचे और आपको एक-दो दिन के खर्चे के लिए पैसों की सख्त जरूरत हो, तो अपने परिवार या दोस्तों से उधार ले लें. सैलरी आते ही सबसे पहले उनका उधार चुकाएं, इससे आपकी सकारात्मक छवि बनी रहेगी. इसके अलावा, अगर दवाई और राशन बहुत जरूरी हो, तो क्रेडिट कार्ड या पे लेटर ऐप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं. लेकिन ध्यान रहे कि सैलरी आते ही इनका भुगतान तुरंत करना होगा.
भविष्य के लिए बनाएं बजट और इमरजेंसी फंड
अगले महीने से नियम बना लें कि सैलरी आते ही 50 प्रतिशत जरूरतों पर, 30 प्रतिशत इच्छाओं पर और 20 प्रतिशत बचत में रखें. साथ ही, इमरजेंसी फंड के लिए हर महीने 500 से 1000 रूपए अलग बैंक अकाउंट में डालें, ताकि इसका इस्तेमाल केवल जरूरत पड़ने पर मंथ एंड में किया जा सके.
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