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बिरनी का झुंड हमला करे तो कैसे बचें? झारखंड में 5 मौतों के बाद जानें जरूरी सावधानियां

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झारखंड के गिरिडीह जिले के ग्रामीण इलाकों में जंगली बिरनी यानी ततैया के हमलों से दहशत का माहौल है. पिछले करीब 1 महीने में इनके हमलों में 5 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 200 से ज्यादा लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है.

स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों के मुताबिक, ततैया के डंक से पीड़ित लोगों में डंक वाली जगह पर तेज दर्द, जलन, सूजन और खुजली जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं. अधिकारियों की ओर से ततैयों की प्रजाति और उनके आक्रामक व्यवहार के कारणों को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है.

बिरनी का छत्ता दिखे तो क्या करें?

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अगर घर, खेत या आसपास जंगली ततैया का छत्ता दिखाई दे तो उसे खुद हटाने या छेड़ने की कोशिश बिल्कुल भी ना करें. छत्ते को खतरा महसूस होने पर ततैया झुंड में हमला कर सकती हैं, जिससे एक साथ कई डंक लगने का खतरा रहता है. ऐसे मामलों में प्रशिक्षित पेस्ट-कंट्रोल एक्सपर्ट या स्थानीय प्रशासन की मदद लेना ज्यादा सुरक्षित है. खासकर बड़े या ऊंचाई पर बने छत्तों को खुद हटाने की कोशिश बिल्कुल नहीं करनी चाहिए.

जंगली ततैया से कैसे बचें?

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ततैया के छत्ते को हटाने का काम विशेषज्ञों की निगरानी में ही की जानी चाहिए. आमतौर पर सुबह जल्दी या शाम के समय ततैयों की गतिविधि कम हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उस समय छत्ता हटाना अपने आप सुरक्षित हो जाता है. पानी, साबुन, सर्फ, धुआं या किसी घरेलू नुस्खे का इस्तेमाल करके खुद छत्ते पर स्प्रे या हमला करना जोखिम भरा हो सकता है. इससे ततैया उत्तेजित होकर अचानक झुंड में हमला कर सकती हैं. इसलिए ऐसे किसी भी उपाय को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है.

अगर ततैया का झुंड हमला कर दे तो क्या करें?

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अगर इन तमाम एहतियातों के बावजूद अगर अचानक ततैयों का झुंड हमला कर दे तो घबराकर उन्हें हाथ से हटाने या मारने की कोशिश न करें. सिर और चेहरे को कपड़े से ढकते हुए तेजी से सुरक्षित और बंद जगह की ओर जाएं. छत्ते के आसपास रुकने या जमीन पर बैठने से बचें.

ततैया के कई डंक लगने पर गंभीर एलर्जी यानी एनाफिलेक्सिस का खतरा हो सकता है. सांस लेने में परेशानी, चेहरे या गले में तेजी से सूजन, चक्कर आना, उल्टी, कमजोरी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसे मेडिकल इमरजेंसी मानें और तुरंत अस्पताल पहुंचें. बच्चों, बुजुर्गों और एलर्जी की हिस्ट्री वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.
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