- सीबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशंस पर लोन फ्रॉड का केस दर्ज किया.
- 2,050 करोड़ के फंड के गलत इस्तेमाल पर चार्जशीट दाखिल.
- 16 आरोपियों में कंपनी के अधिकारी और बैंक कर्मचारी शामिल.
- सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच जारी, सात एफआईआर दर्ज.
Anil Ambani: अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) बैंक फ्रॉड केस में बुरे फंसते जा रहे हैं. एक नए घटनाक्रम में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस एडीए ग्रुप (Reliance ADA Group) के खिलाफ करोड़ों रुपये के लोन फ्रॉड मामले में बड़ा एक्शन लिया है.
इसके तहत, CBI ने मुंबई की विशेष अदालत में अपनी पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है. इस चार्जशीट में 16 आरोपियों के नाम शामिल हैं. जिन पर आरोप लगाए गए हैं, उनमें रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, उसके पांच सीनियर अधिकारी और भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र तथा तत्कालीन सिंडिकेट बैंक के 10 बैंक अधिकारी शामिल हैं.
2,050 करोड़ रुपये के फंड के गलत इस्तेमाल की जांच
शुरुआती चार्जशीट में खास तौर पर 2,050 करोड़ रुपये के सरकारी फंड के गलत इस्तेमाल और उसे दूसरी जगह लगाने पर फोकस किया गया है. एजेंसी के मुताबिक, जांच में ये मामले शामिल हैं:-
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा मंजूर किया गया 1200 करोड़ रुपये का टर्म लोन.
- बैंक ऑफ महाराष्ट्र द्वारा मंजूर की गई 500 करोड़ रुपये की लेटर ऑफ क्रेडिट सुविधाएं.
- पहले के सिंडिकेट बैंक द्वारा मंजूर की गई 350 करोड़ रुपये की लेटर ऑफ क्रेडिट सुविधाएं.
इन फंड्स का इस्तेमाल तय कारोबारी कामों के लिए करने के बजाय कथित तौर पर इनका गलत इस्तेमाल किया गया. SBI की शिकायत है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस ने बैंक को 2929.05 करोड़ का नुकसान पहुंचाया है. हालांकि, सरकारी बैंकों के पूरे कंसोर्टियम को मिलाकर यह नुकसान कुल 19694.33 करोड़ का बैठता है.
अब आगे क्या?
चूंकि इस मामले में सार्वजनिक और सरकारी बैंकों का भारी पैसा शामिल है इसलिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में पूरे मामले की कड़ाई से जांच की जा रही है. सीबीआई ने अनिल अंबानी की अगुवाई वाली कंपनियों जैसे कि रिलायंस टेलीकॉम, रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस के खिलाफ कुल 7 एफआईआर दर्ज की है. जांच अभी जारी है. आने वाले दिनों में सीबीआई की तरफ से पूरक आरोपपत्र (Supplementary Chargesheets) दाखिल किए जा सकते हैं.
ये भी पढ़ें:
BSE Limited: ट्रेडर जीते या हारे, कमाई पक्की! जानें निवेशकों की हर खरीद-बिक्री से कैसे कमाता है BSE?


