टीएमसी के कई बागी नेताओं ने पार्टी छोड़ने के लिए अभिषेक बनर्जी के कथित मनमाने रवैये को जिम्मेदार ठहराया है। ऐसे माहौल में पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी के समर्थन में मजबूती से सामने आईं। बुधवार को उन्होंने ‘गद्दारों की ओर से जनता से माफी मांगी और कहा कि न तो उन्होंने और न ही उनके परिवार ने राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए कभी कोई समझौता किया है।
क्या अभिषेक को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है?
टीएमसी में बढ़ती फूट के बीच अभिषेक बनर्जी के बचाव में अब तक का सबसे मुखर सार्वजनिक बयान देते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद अभिषेक को पार्टी पर हमलों का ‘बहाना’ बना दिया गया है। राजनीतिक लड़ाई छोड़कर ‘राहत’ हासिल करने के बजाय अभिषेक ने संघर्ष का रास्ता चुना और इसके लिए उनकी सराहना की जानी चाहिए। फेसबुक लाइव के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि अभिषेक बनर्जी को एक बहाना बना दिया गया है। उनके परिवार के सदस्यों को समन भेजा गया। अगर वह चाहते तो राहत पा सकते थे, लेकिन वह लड़ाई के मैदान से भागे नहीं। जिस तरह उन्होंने संघर्ष जारी रखा है, उनकी सभी कमियों को माफ किया जा सकता है।
बागी नेताओं के आरोप क्या हैं?
हाल के हफ्तों में टीएमसी छोड़ने वाले कई वरिष्ठ नेताओं ने अभिषेक बनर्जी पर पार्टी को तानाशाही तरीके से चलाने और संगठन में डर का माहौल बनाने का आरोप लगाया है। पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि मैं गद्दारों की ओर से जनता से माफी मांगती हूं। मैंने अपने राजनीतिक अस्तित्व के लिए कभी अपनी अंतरात्मा नहीं बेची। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें और उनके परिवार को लगातार राजनीतिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा, क्योंकि उन्होंने कभी समझौता करने का रास्ता नहीं चुना।
समझौता करने वालों पर क्या बोलीं?
पार्टी बदलने वाले नेताओं पर परोक्ष हमला करते हुए उन्होंने कहा कि अगर मैंने समझौता किया होता, तो हमें इतनी प्रताड़ना नहीं झेलनी पड़ती। जिन्होंने समझौता किया है, उनके पास अपने कई बैग और सामान हैं। यह दावा करते हुए कि भाजपा जांच एजेंसियों और पुलिस का इस्तेमाल कर नेताओं पर दबाव बना रही है, ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि कई नेताओं ने डर की वजह से पार्टी छोड़ी है। लोकसभा और राज्यसभा में हमारे अभी भी 18 सांसद हैं। जो सांसद ‘सेटिंग कंपनी’ में शामिल हुए हैं, उन्होंने ऐसा इसलिए किया है क्योंकि वे पुलिस से डरते हैं।
‘वॉशिंग मशीन’ वाले बयान का क्या मतलब था?
भाजपा पर निशाना साधते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि टीएमसी छोड़ने वाले नेता भगवा पार्टी की ‘वॉशिंग मशीन’ और भाजपा समर्थित टीएमसी के बागी खेमे में जा रहे हैं। आज जो व्यक्ति (मदन मित्रा) पार्टी छोड़कर गए, उन्होंने कल ही हमें बताया था कि उन्हें और उनके परिवार को समन मिला है। तभी हमें समझ आ गया था कि वे पाला बदल सकते हैं। जिनकी कोई ‘सेटिंग’ है, वे ही भाजपा की ‘वॉशिंग मशीन’ में शामिल हो रहे हैं।
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क्या टीएमसी को फिर से खड़ा करने का भरोसा जताया?
पाला बदलने से अपना संकल्प कमजोर न होने देने की बात कहते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी, तो वह टीएमसी को फिर से शून्य से खड़ा करने के लिए भी तैयार हैं।


