लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

बैंक एफडी में नॉमिनी नहीं है, तो क्या होगा?:अदालत तक पहुंच सकता है मामला, महीनों तक फंसी रह सकती है रकम – What Happens If There Is No Nominee For Bank Fd Matter Could Reach Court And Funds Remain Stuck For Months

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

बिना नॉमिनी और बिना वसीयत के बैंक अपने जोखिम नियंत्रण को बेहद सख्त कर देते हैं, जिससे हफ्तों में होने वाला काम महीनों के लिए लटक जाता है।

बिना नॉमिनी होगी मुश्किल

अगर एफडी कर्ता का निधन हो जाए, तो परिवार के लिए पैसा निकालने की राह लंबी, दस्तावेजी और तनावपूर्ण हो जाती है। रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों के अनुसार, बैंकों को मृतक जमाकर्ताओं के दावों को निपटाने के लिए एक पारदर्शी प्रक्रिया रखनी होती है, लेकिन नॉमिनी न होने पर बैंक बिना कड़े कानूनी प्रमाण के पैसा नहीं दे सकते।


  • ऐसी स्थिति में कानूनी उत्तराधिकारियों को अपनी पात्रता साबित करने के लिए मृतक का मृत्यु प्रमाणपत्र, बैंक का निर्धारित दावा फॉर्म, दावेदार का आईडी व एड्रेस प्रूफ, और पैन या अन्य प्रासंगिक केवाईसी दस्तावेज जमा करने होते हैं।

  • इसके अलावा, यदि एक से अधिक कानूनी उत्तराधिकारी हैं और कोई वसीयत नहीं है, तो एफडी की राशि उन सभी में संबंधित उत्तराधिकार कानून के हिसाब से बांटी जाएगी।

लगाने पड़ सकते हैं अदालत के चक्कर

जब बड़ी रकम फंसी हो, तो बैंक अपनी सुरक्षा के लिए सीधे सक्षम अदालत से जारी कानूनी दस्तावेज मांगने पर अड़ जाते हैं। इनमें लीगल हायर सर्टिफिकेट, उत्तराधिकार प्रमाणपत्र, या प्रोबेट/लेटर्स ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन शामिल हैं। इसके साथ ही बैंकों को सभी उत्तराधिकारियों के अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) और क्षतिपूर्ति बंधपत्र की जरूरत होती है।


  • अदालत से उत्तराधिकार प्रमाणपत्र लेने की यह प्रक्रिया न सिर्फ हफ्तों से महीनों का समय खा जाती है, बल्कि इसमें जेब भी अच्छी-खासी ढीली होती है। कोर्ट फीस अलग-अलग राज्यों के हिसाब से संपत्ति के मूल्य के एक निश्चित प्रतिशत के रूप में वसूली जाती है।

  • इसमें वकीलों का भारी खर्च, नोटरी और हलफनामे का कानूनी तामझाम मुफ्त में जुड़ जाता है। यदि उत्तराधिकारियों के बीच कोई आपसी विवाद हो जाए, तो यह समयसीमा और लंबी खिंच जाती है।

न पालें ये गलतफहमी

सबसे बड़ी गलतफहमी नॉमिनी के अधिकार को लेकर है। आम लोग अक्सर सोचते हैं कि नॉमिनी ही पैसे का अंतिम मालिक बन जाता है, जो कि सरासर गलत है। नॉमिनी केवल एक ट्रस्टी या केयरटेकर होता है, जो कानूनी उत्तराधिकारियों की तरफ से बैंक से पैसा प्राप्त करता है। पैसे का अंतिम मालिकाना हक वसीयत या उत्तराधिकार कानून से ही तय होता है।

जरूरी सलाह

आज और इसी वक्त अपने नेट बैंकिंग एप में लॉग-इन करें और अपनी हर एक एफडी और बैंक खाते में नॉमिनी की स्थिति को अपडेट करें। यह एक छोटा-सा कदम आपके जाने के बाद आपके परिवार को मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना से बचा सकता है।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Top News:ब्रिक्स की आज से एनएसए स्तर की बैठक, ट्रंप की धमकी पर भड़का ईरान, वार्ता रुकी; पढ़ें सुर्खियां – Top Headline Today Important And Big News Stories Of 22 June 2026 Updates On Amar Ujala

Belgium Vs Iran:रेड कार्ड के बावजूद बेल्जियम ने बचाया एक अंक, ईरान से खेला ड्रॉ; ग्रुप-जी में रोमांचक हुई जंग – Fifa World Cup 2026 Belgium Vs Iran Highlights Today Football Match Result Key Moments Photos

Uk Prime Minister:स्टार्मर पर इस्तीफे का बढ़ा दबाव, एंडी बर्नहम हो सकते हैं ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री – Keir Starmer Under Pressure To Resign Andy Burnham Emerges As Potential Uk Pm

Bjp:योग-किसान और इतिहास के बहाने भाजपा ने साधे कई निशाने, दक्षिणी राज्यों पर निगाह; विपक्ष की चाल का भी जवाब – Bjp Yoga Farmers History Strategy South India Focus Opposition Response

Water Crisis:पंजाब-राजस्थान समेत नौ राज्यों में तेजी से खाली हो रहे जल भंडार; यूपी और दिल्ली में भी बढ़ा दबाव – Water Reserves Depleting Rapidly Across Nine States Punjab Rajasthan Pressure Mounting In Up And Delhi

मानसून आगे बढ़ा:कहीं भारी बारिश तो कहीं लू का अलर्ट, दिल्ली में छाएंगे बादल; इन राज्यों में चलेगी आंधी – Weather Updates Monsoon Advances Heavy Rain Thunderstorm Alerts For Several States Cloudy Skies Expected Delhi

Leave a Comment