05:59 PM, 26-Aug-2026
सशस्त्र सीमा बल ने सभी यूनिट्स को किया अलर्ट
सशस्त्र सीमा बल (SSB) के अधिकारियों ने बताया कि नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने 1,751 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अपनी सभी यूनिट्स को अलर्ट कर दिया है। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती इलाकों में राहत और बचाव कार्य शुरू करने के लिए बल की 18 टीमों को तैनात किया गया है, जिनमें से सात टीमें स्टैंडबाय पर हैं। अधिकारियों ने बताया कि कोसी और नारायणी नदी बेसिन में पानी का बहाव बढ़ने और नेपाल की छोटी नदियों में अचानक बाढ़ आने की आशंका के बीच SSB ने यह अलर्ट जारी किया है। उन्होंने कहा कि अर्धसैनिक बल उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में घाघरा/करनाली और महाकाली नदी के किनारे बसे संवेदनशील जिलों पर भी नजर रख रहा है। तिब्बत से सटे नेपाल के रसुवा जिले में अचानक आई भीषण बाढ़ से गांवों के बह जाने और जरूरी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने के बाद लापता हुए लगभग 400 लोगों में कम से कम 105 भारतीय और 37 NRI शामिल हैं।
05:20 PM, 26-Aug-2026
जल संसाधन विभाग अलर्ट
तिब्बत में बादल फटने से हुई तबाही के बाद गंडक नदी में आने वाली संभावित बाढ़ को लेकर जलसंसाधन विभाग अलर्ट है। वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज के सभी 36 गेट खोले गए हैं। गंडक बराज पर अधिकारियों की टीम तैनात कर दी गई है। मुख्य सचिव ने संबंधित जिलाधिकारियों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। तिब्बत में बुधवार की सुबह बादल के फटने के कारण तिब्बत से निकलने वाली और नेपाल से होकर भारत में आने वाली भोटे-कोशी नदी में लगभग 3 मीटर तक का सैलाब उठ रहा है।
नेपाल से होकर आने वाले पानी के सैलाब से गंडक नदी में अचानक जल स्तर बढ़ने की संभावना है। इसको देखते हुए जल संसाधन विभाग ने अलर्ट घोषित कर दिया है। दोपहर 12.00 बजे वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज से 86,000 क्यूसेक पानी आया है। इसके और बढ़ने की संभावना है। नेपाल में नारायणी नदी का देवघाट गेज स्थल पर वर्तमान जलस्तर 4.77 मीटर है। इस स्थल पर खतरे का निशान 9 मीटर है। चेतावनी स्तर 7.30 मीटर है। यहां नदी में पानी बढ़ने पर गंडक बराज तक पहुंचने में लगभग 3.50 घंटे का समय लगता है।
05:15 PM, 26-Aug-2026
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बात की
नेपाल में मूसलाधार बारिश और ग्लेशियर फटने से बिहार में बाढ़ के खतरे को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बात की। गृह मंत्री ने संभावित संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए NDRF को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
05:06 PM, 26-Aug-2026
NDRF एवं SDRF की अग्रिम तैनाती
संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए NDRF एवं SDRF के अतिरिक्त संसाधनों की मूवमेंट सुनिश्चित की जा रही है। गोपालगंज के लिए एक NDRF टीम भेजने का निर्देश दिया गया है तथा एक NDRF टीम को मुजफ्फरपुर में स्टैंडबाय रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त बेतिया में भी NDRF की टीम की तैनाती लगभग दो घंटे के भीतर सुनिश्चित करने की कार्रवाई की जा रही है। SSB DIG द्वारा भी आवश्यकतानुसार QRT एवं अन्य संभावित सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है, जो बेतिया में उपलब्ध रहेगा।
05:04 PM, 26-Aug-2026
गंडक बैराज एवं नहरों के संचालन के निर्देश
जल संसाधन विभाग द्वारा गंडक बैराज के सभी गेटों तथा उससे जुड़े नहरों में पानी प्रवाहित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपलब्ध जलप्रवाह का सुरक्षित एवं प्रभावी प्रबंधन किया जा सके। संबंधित जल संसाधन पदाधिकारियों एवं अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने तथा तटबंधों सहित जल संसाधन संरचनाओं की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
05:02 PM, 26-Aug-2026
इन जगहों पर है खास अलर्ट
गंडक नदी के संभावित बढ़े हुए जलप्रवाह को देखते हुए पश्चिमी चंपारण के बेतिया और बगहा में खास अलर्ट है। इसके अलावा पूर्वी चंपारण का मोतिहारी गोपालगंज सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में अब विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सीतामढ़ी और शिवहर में भी खास इंतजाम किए गए हैं। मुजफ्फरपुर जिले के पारू सरैया और साहेबगंज प्रखंड को मुख्य रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शामिल किया गया है। यहां गंडक नदी के बाढ़ से भारी नुकसान का अनुमान है।
04:47 PM, 26-Aug-2026
62 मोबाइल मेडिकल टीम, 19 अस्थायी और 29 स्थायी मेडिकल कैंप तैयार
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा के लिए 62 मोबाइल मेडिकल टीम, 19 अस्थायी और 29 स्थायी मेडिकल कैंप तैयार रखे गए हैं। आपात स्थिति के लिए 122 प्रकार की जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। पशुओं के उपचार के लिए 52 पशु कैंप चिह्नित किए गए हैं। 44 प्रकार की पशु दवाएं उपलब्ध कराई गईं हैं। पशुधन के लिए 2,500 क्विंटल पशुचारा भी भंडारित किया गया है।
04:35 PM, 26-Aug-2026
228 सामुदायिक रसोई केंद्र और 80 राहत शिविर चिह्नित
बाढ़ पीड़ितों को भोजन और आश्रय उपलब्ध कराने के लिए 228 सामुदायिक रसोई केंद्र और 80 राहत शिविर चिह्नित किए गए हैं। ड्राई राशन पैकेट तैयार करने के लिए 26 स्थलों पर व्यवस्था की गई है। आपात स्थिति में हवाई सहायता के लिए 18 हेलीपैड स्थल भी चिन्हित हैं। प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने के लिए 41,880 पॉलिथीन शीट की व्यवस्था की गई है।
04:30 PM, 26-Aug-2026
बेगूसराय में 267 नावों की व्यवस्था
बाढ़ की स्थिति में लोगों के सुरक्षित आवागमन और बचाव कार्य के लिए जिले में कुल 267 नावों की व्यवस्था की गई है। इनमें 21 सरकारी नाव हैं। वहीं निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा हुआ है। इसके तहत 239 नाव और सात मोटरबोट शामिल हैं। साहेबपुर कमाल की समस्तीपुर और संदलपुर पंचायतों में आम लोगों के आवागमन के लिए पांच नावें निःशुल्क उपलब्ध कराई गई हैं।
04:28 PM, 26-Aug-2026
बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आज उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जिलों के जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस पदाधिकारी/पुलिस अधीक्षक बैठक में शामिल हुए। बैठक में विकसित हो रही स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित जिलों को सतर्क रहने तथा आवश्यक बचाव एवं राहत तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए।


