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बिहार में संभावित बाढ़ को लेकर प्रशासन हाई अलर्ट पर है। तिब्बत में बुधवार सुबह बादल फटने और नेपाल में भारी पानी आने के बाद गंडक नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है। नेपाल के रास्ते आने वाले पानी का असर पश्चिम चंपारण से लेकर उत्तर बिहार के कई जिलों तक पड़ सकता है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
अगले 48 घंटे बेहद अहम
नेपाल से आने वाले पानी को देखते हुए अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील बताए जा रहे हैं। पानी का बहाव बढ़ने पर गंडक और गंगा नदी के जलस्तर में भी तेजी से वृद्धि हो सकती है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। संभावित बाढ़ का असर पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिलों पर पड़ सकता है। खासकर गंडक और गंगा नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में पानी घुसने का खतरा बताया गया है।

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बराज के सभी 36 गेट खोले गए
– फोटो : अमर उजाला
वैशाली के इन इलाकों में विशेष सतर्कता
वैशाली जिला प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अलर्ट किया है। वैशाली, लालगंज, हाजीपुर सदर, राघोपुर, बिदुपुर, देसरी, सहदेई बुजुर्ग और महनार प्रखंड के इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने आपातकालीन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लोगों को स्थिति की जानकारी दी और प्रशासन की तैयारियों के बारे में बताया।
गंडक बराज के सभी 36 गेट खोले गए
जल संसाधन विभाग ने संभावित स्थिति को देखते हुए वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज के सभी 36 गेट खोल दिए हैं। बराज पर मुख्यालय स्तर से अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में तकनीकी अधिकारियों की टीम तैनात की गई है। गंडक नदी बेसिन में आने वाले सभी जिलों को चेतावनी संदेश जारी कर दिया गया है।

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तैयारियों को देखने पहुंचे अधिकारी
– फोटो : अमर उजाला
गंडक बराज से 86 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया
जल संसाधन विभाग के अनुसार, बुधवार दोपहर 12 बजे वाल्मीकिनगर गंडक बराज से करीब 86,000 क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया। इसकी प्रवृत्ति बढ़ने की बताई गई है। नेपाल के देवघाट गेज स्थल पर नारायणी नदी का जलस्तर 4.77 मीटर दर्ज किया गया है। यहां खतरे का निशान 9 मीटर और चेतावनी स्तर 7.30 मीटर है। नदी में पानी बढ़ने पर देवघाट से गंडक बराज तक पानी पहुंचने में करीब 3.50 घंटे लग सकते हैं।
तटबंधों और निचले इलाकों पर लगातार नजर
जल संसाधन विभाग ने अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। संभावित बाढ़ से निपटने के लिए राहत सामग्री का भंडारण किया जा रहा है और तटबंधों का लगातार निरीक्षण कराया जा रहा है। मुख्य सचिव ने संबंधित जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर तटबंध के अंदर रहने वाली आबादी को माइकिंग के जरिए सूचना देने और जरूरत पड़ने पर समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी करने को कहा है।

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गृह मंत्री अमित शाह
– फोटो : एएनआई
NDRF और SDRF की टीमें तैनात होंगी
संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में NDRF और SDRF की टीमों को तैनात किया जा रहा है। प्रशासन का फोकस लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और किसी भी आपात स्थिति में राहत-बचाव अभियान शुरू करने पर है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बात कर संभावित संकट की जानकारी ली और केंद्र की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। आपात स्थिति से निपटने के लिए NDRF को भी सक्रिय किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने की स्थिति की समीक्षा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्य सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव और जल संसाधन विभाग के सचिव के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों को हाई अलर्ट मोड में रहने और हर जरूरी कार्रवाई समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

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बाढ़ को लेकर अलर्ट मोड में जिला प्रशासन
– फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री ने की स्थिति की समीक्षा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्य सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव और जल संसाधन विभाग के सचिव के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों को हाई अलर्ट मोड में रहने और हर जरूरी कार्रवाई समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
बेगूसराय में भी प्रशासन अलर्ट
गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण बेगूसराय जिला प्रशासन ने भी बाढ़ से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रशासन ने जिले के 8 प्रखंडों की 39 पंचायतों के 189 गांवों को संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया है। इनमें 37 ग्राम पंचायत और 2 नगर पंचायत शामिल हैं।
