पूर्वी भारत के बंगाल और ओडिशा में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। कोलकाता और आसपास के इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम ने लोगों की परेशानी बढ़ाई, वहीं ओडिशा के मयूरभंज जिले में बारिश और भूस्खलन के कारण रेलवे ट्रैक के नीचे की मिट्टी बह गई।

बारिश का असर इतना ज्यादा रहा कि ओडिशा के बारिपदा-बांगरीपोसी रेल मार्ग पर ट्रेन सेवाएं करीब 24 घंटे तक प्रभावित रहीं। दूसरी ओर, कोलकाता में स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर दफ्तर जाने वाले लोगों तक को जलभराव और जाम का सामना करना पड़ा।
ओडिशा में 50 मीटर रेलवे ट्रैक के नीचे की जमीन बह गई
मयूरभंज जिले में भारी और लगातार बारिश के कारण भांजपुर और बेटनोटी के बीच रेलवे ट्रैक के नीचे की मिट्टी और कंक्रीट का करीब 50 मीटर हिस्सा बह गया। यह घटना सुनागड़िया के पास स्टेशन बाजार इलाके में हुई। दक्षिण पूर्व रेलवे के मुताबिक, भारी बारिश के कारण रेलवे ट्रैक के किनारे की मिट्टी खिसक गई और पानी के तेज बहाव में पटरी के नीचे की जमीन का एक हिस्सा बह गया। रेलवे ने ट्रैक की सुरक्षा को देखते हुए रविवार रात से इस मार्ग पर ट्रेन परिचालन रोक दिया। प्रभावित हिस्से में मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू किया गया है।
ओडिशा में कई ट्रेन सेवाएं रद्द करनी पड़ीं
रेलवे के मुताबिक, रुपसा-बांगरीपोसी सेक्शन में चल रहे मरम्मत कार्य के कारण 17 अगस्त को कम से कम पांच MEMU/लोकल ट्रेन सेवाएं रद्द की गईं। इसके अलावा शालीमार-बांजपुर एक्सप्रेस और बांजपुर-शालीमार एक्सप्रेस को रुपसा से ही शुरू किया गया। रेलवे की प्राथमिकता क्षतिग्रस्त हिस्से को मजबूत करना और भविष्य में मिट्टी के कटाव को रोकना है। खड़गपुर के DRM ललित मोहन पांडेय ने प्रभावित स्थल का निरीक्षण कर चल रहे मरम्मत कार्य का जायजा लिया।
कोलकाता में बारिश से सड़कें बनीं तालाब
ओडिशा में जहां रेलवे ट्रैक प्रभावित हुआ, वहीं पश्चिम बंगाल में लगातार बारिश ने सड़क यातायात को प्रभावित किया। कोलकाता और आसपास के इलाकों में कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं। जलभराव के कारण कार्यालय जाने के समय ट्रैफिक जाम बढ़ गया। सार्वजनिक परिवहन भी प्रभावित हुआ, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों और ऑफिस जाने वाले लोगों को परेशानी हुई। साल्ट लेक और हावड़ा समेत आसपास के कई इलाकों में भी जलभराव की स्थिति देखने को मिली।
किन इलाकों में सबसे ज्यादा बारिश हुई?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार शाम 5:30 बजे तक नौ घंटे में दक्षिण 24 परगना के डायमंड हार्बर में 84 मिमी बारिश दर्ज की गई। उत्तर 24 परगना के साल्ट लेक में 64 मिमी और कोलकाता में 44 मिमी बारिश दर्ज हुई। मौसम विभाग के मुताबिक, तटीय पश्चिम बंगाल और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डिप्रेशन मंगलवार तक गंगीय पश्चिम बंगाल को पार करते हुए झारखंड की ओर बढ़ सकता है।
बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
IMD ने मंगलवार तक पूर्व मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना, पुरुलिया, हावड़ा, हुगली तथा पूर्व और पश्चिम बर्दवान में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल के तट और उसके आसपास समुद्र में जाने वाले मछुआरों को भी मंगलवार तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
बंगाल-ओडिशा में बारिश ने एक साथ बढ़ाई मुश्किलें?
दोनों राज्यों में बारिश का असर अलग-अलग रूप में सामने आया। ओडिशा में बारिश ने रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाया और ट्रेन परिचालन प्रभावित हुआ, जबकि कोलकाता में जलभराव और ट्रैफिक जाम ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। एक तरफ रेलवे प्रभावित ट्रैक को जल्द से जल्द बहाल करने में जुटा है, तो दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में मौसम विभाग की चेतावनी के बीच प्रशासन को जलभराव और यातायात व्यवस्था से निपटने की चुनौती बनी हुई है।

