लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

बच्चों को पैसे की अहमियत कैसे सिखाएं? फाइनेंस एक्सपर्ट ने बताए 5 आसान तरीके, जो जिंदगीभर आएंगे काम

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

Money Tips for Kids: आज के समय में बच्चों को सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि पैसों की सही समझ देना भी उतना ही जरूरी हो गया है.  विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बचपन में ही अच्छी आर्थिक आदतें विकसित हो जाएं, तो आगे चलकर बच्चे जिम्मेदारी से पैसे खर्च करना और बचत करना सीखते हैं.

HT Lifestyle से बातचीत में फिनटेक कंपनी Finnovate के सह-संस्थापक नेहल मोटा ने बताया कि बच्चों को फाइनेंशियल रूप से समझदार बनाने के लिए बड़े-बड़े निवेश के पाठ पढ़ाने की जरूरत नहीं है. रोजमर्रा की कुछ छोटी आदतें ही उन्हें पैसों की असली कीमत समझा सकती हैं.

तीन हिस्सों में बांटें जेब खर्च

नेहल मोटा के मुताबिक, बच्चों को मिलने वाले पॉकेट मनी को तीन हिस्सों में बांटने की आदत डालनी चाहिए. एक हिस्सा खर्च के लिए, दूसरा बचत के लिए और तीसरा जरूरतमंदों की मदद या दान के लिए. इससे बच्चे शुरू से ही पैसे का सही इस्तेमाल करना सीखते हैं.

Sonam Wangchuk: अनशन करने वाले सोनम वांगचुक पैसा कैसे कमाते हैं, अब कितनी है उनकी नेटवर्थ?

खरीदारी के दौरान सिखाएं सही फैसला लेना

HT Lifestyle के अनुसार, किराने या सुपरमार्केट में खरीदारी के समय बच्चों से पूछें कि कौन-सी चीज जरूरी है और कौन-सी सिर्फ इच्छा उन्हें समझ आएगा कि हर चीज खरीदना जरूरी नहीं होता और हर खर्च सोच-समझकर करना चाहिए.

हर मांग तुरंत पूरी न करें

अगर बच्चा किसी खिलौने या दूसरी चीज की जिद करता है, तो उसे तुरंत खरीदने के बजाय एक दिन इंतजार करने के लिए कहें. विशेषज्ञों का कहना है कि इससे बच्चों में धैर्य बढ़ता है और बिना सोचे-समझे खर्च करने की आदत कम होती है.

कीमतों की तुलना करना सिखाएं

नेहल मोटा की सलाह है कि बच्चों को एक ही सामान की अलग-अलग जगहों पर कीमत देखने की आदत डालें. इससे वे समझ पाएंगे कि खरीदारी करते समय तुलना करना क्यों जरूरी है और कैसे समझदारी से पैसे बचाए जा सकते हैं.

बचत को बनाएं बच्चों के लिए मजेदार

विशेषज्ञों के मुताबिक, बच्चों के लिए पारदर्शी सेविंग जार या किसी लक्ष्य का चार्ट तैयार किया जा सकता है. जब वे अपनी बचत को धीरे-धीरे बढ़ते हुए देखते हैं, तो उनमें नियमित बचत करने की प्रेरणा मिलती है.

RBI के हेड को गवर्नर ही क्यों कहते हैं, चेयरमैन या कुछ और क्यों नहीं? इनको कितनी मिलती है सैलरी?

छोटी आदतें, बड़ा असर

HT Lifestyle से बातचीत में नेहल मोटा ने कहा कि आर्थिक समझ  एक दिन नहीं बनती. यह रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों से विकसित होती है. यही आदतें आगे चलकर बच्चों में जिम्मेदारी, आत्मविश्वास और पैसों को लेकर बेहतर फैसले लेने की क्षमता विकसित करती हैं.

वहीं, कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के एक शोध के मुताबिक, बच्चों में पैसों से जुड़ी कई बुनियादी आदतें सात साल की उम्र तक बननी शुरू हो जाती हैं. ऐसे में विशेषज्ञ मानते हैं कि बचपन से दी गई सही सीख भविष्य में मजबूत आर्थिक आधार तैयार कर सकती है.

 

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment