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बंगाल में BJP की बंपर जीत के बाद बांग्लादेश ने लगा ली भारत से बड़ी उम्मीद, खलीलुर रहमान बोले- ‘मैं उनके मन की बात…’

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बंगाल चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश ने भारत को लेकर बड़ी उम्मीद जताई है. बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने कहा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए लंबे समय से अटके तीस्ता जल समझौते पर फिर से विचार किया जा सकता है. ऐसा इसलिए भी है क्योंकि ममता बनर्जी को भारत-बांग्लादेश के बीच तीस्ता जल विवाद को सुलझाने की कोशिशों में एक रुकावट के तौर पर देखा जाता रहा है.

क्या बोले बांग्लादेश के विदेश मंत्री?
चीन की यात्रा पर रवाना होने से पहले ढाका में पत्रकारों ने जब खलीलुर रहमान से पूछा कि क्या अभी भी लंबे समय से अटके तीस्ता नदी के पानी बंटवारे को लेकर समझौते की उम्मीद है तो उन्होंने तुरंत जवाब दिया कि पश्चिम बंगाल में अभी तक नई सरकार नहीं बनी हैं और वे क्या सोचते हैं या क्या करेंगे, यह बताना उनका काम है. उनके मन की बात पढ़ना मेरा काम नहीं है.

इसके बाद बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने 2011 में बनी सहमति का जिक्र करते हुए समझौते पर फिर से विचार की उम्मीद जताई है. खलीलुर रहमान ने कहा कि बांग्लादेश भारत के फैसले का इंतजार नहीं करेगा, क्योंकि ये नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए जीवन-मरण का सवाल है.

ममता बनर्जी ने किया था विरोध
साल 2011 में बांग्लादेश और भारत के बीच तीस्ता समझौते पर सहमति बन गई थी. उम्मीद जताई जा रही थी कि भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ढाका यात्रा के दौरान इस पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरोध के कारण ये समझौता ठंडे बस्ते में चला गया. इसके बाद बांग्लादेश ने तीस्ता नदी व्यापक प्रबंधन और बहाली परियोजना शुरू की. शेख हसीना ने 2019 में बीजिंग यात्रा के दौरान परियोजना के लिए चीन से सहायता मांगी थी.

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‘ढाका-दिल्ली संबंध और बेहतर होंगे’
बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद ने सोमवार को पश्चिम बंगाल चुनाव को भारत का एक घरेलू घटनाक्रम बताया था. इसके बाद सत्ताधारी बीएनपी के मीडिया सेल के सदस्य सैरुल कबीर खान ने ढाका-दिल्ली संबंधों में सकारात्मक घटनाक्रम की उम्मीद जताई. 

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