अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर कड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने कहा कि अब उन्हें एक फैसला लेना है. उनके मुताबिक ईरान को अमेरिका के साथ एक बहुत ही निष्पक्ष डील करनी होगी, नहीं तो उसके अस्तित्व पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है. ईरान ने तनाव कम करने और बातचीत आगे बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन ट्रंप ने उस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया.
फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में को-पायलट की तरफ से कथित तौर पर पायलट पर हमला किए जाने के मामले में भी ट्रंप से ईरान की भूमिका को लेकर सवाल पूछा गया.
ईरान की भूमिका की संभावना से इनकार नहीं- ट्रंप
ट्रंप ने संकेत दिया कि उन्हें मिली जानकारी के आधार पर वह ईरान की भूमिका की संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मामले पर अभी काम चल रहा है. इसके अलावा इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कहा है कि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि घटना में ईरान का हाथ था.

फ्लाईदुबई फ्लाइट में आखिर हुआ क्या था?
फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही थी. उड़ान के दौरान ओमान के एक को-पायलट पर भारतीय कैप्टन पर हमला करने का आरोप लगा. घटना के बाद विमान तेजी से नीचे आया और इमरजेंसी की स्थिति पैदा हो गई. रिपोर्टों के अनुसार विमान करीब 33,000 फीट से लगभग 17,000 फीट तक तेजी से नीचे आया. कैप्टन घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे. इसके बाद यात्रियों ने अंदर पहुंचकर स्थिति को संभालने में मदद की और विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया.
ईरान के साथ बातचीत पर भी दबाव
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच बातचीत का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है. रॉयटर्स के मुताबिक, ईरान ने कतर के जरिए अमेरिका तक एक प्रस्ताव पहुंचाया था, जिसमें युद्ध रोकने, नाकेबंदी हटाने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने जैसी शर्तें शामिल थीं. ट्रंप ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. अब ट्रंप का ताजा बयान इस बात का संकेत देता है कि अमेरिका ईरान से एक नए समझौते की मांग कर रहा है, जबकि तेहरान भी बातचीत के लिए अपनी शर्तों पर जोर दे रहा है.
