रमन ने बताया कि वह करीब पांच वर्षों तक जॉर्डन में एक एक्सपोर्ट कंपनी में कोऑर्डिनेटर के पद पर कार्यरत थे। वहां उन्हें लगभग 45 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता था। करीब तीन वर्ष पहले उसने प्रेमानंद महाराज के प्रवचन सुनने शुरू किए, जिससे उसका आध्यात्मिक झुकाव बढ़ता गया।

दंतवत कांवड़ यात्रा पर रमन
– फोटो : अमर उजाला

