दक्षिण मुंबई के पायधोनी इलाके में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत के मामले में अब बड़ा और अहम खुलासा सामने आया है। विशेषज्ञों द्वारा की गई विसरा जांच में जिंक फॉस्फाइड के अंश पाए गए हैं, जिसे आमतौर पर चूहों को मारने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले अत्यधिक जहरीले रैट पॉयजन के रूप में जाना जाता है।
विसेरा जांच में जिंक फॉस्फाइड की पुष्टि
मृतकों की पहचान अब्दुल्ला डोकाडिया (44), उनकी पत्नी नसीरीन (35) और उनकी दो बेटियों आयशा (16) और जैनब (13) के रूप में हुई है। जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, विसरा रिपोर्ट में मिले जहर के संकेतों ने इस मामले की दिशा को पूरी तरह बदल दिया है।
तरबूज से मौत की थ्योरी खारिज
शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही थी कि परिवार की मौत तरबूज खाने से हुई हो सकती है, लेकिन अब यह दावा गलत साबित हो गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मौत का कारण फूड पॉयजनिंग नहीं बल्कि जिंक फॉस्फाइड जैसा जहरीला रसायन है।
हालांकि, यह अभी भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह जहरीला पदार्थ शरीर में कैसे पहुंचा। पुलिस और जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि यह सेवन दुर्घटनावश हुआ या फिर इसके पीछे कोई अन्य कारण था। फिलहाल किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है।
दुर्घटना या जानबूझकर? जांच जारी
जांच अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक ऐसी कोई ठोस वजह सामने नहीं आई है जिससे यह समझा जा सके कि पूरा परिवार इतना गंभीर कदम क्यों उठाएगा। मामले की जांच JJ मार्ग पुलिस स्टेशन द्वारा की जा रही है। पुलिस ने इस केस में परिवार के रिश्तेदारों और आसपास के लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं।
यह घटना 25 अप्रैल की रात की है, जब परिवार ने अपने घर पर रिश्तेदारों के लिए एक बैठक आयोजित की थी। इसके कुछ घंटों बाद, रात करीब 1 बजे, परिवार ने तरबूज का सेवन किया था। इसके बाद 26 अप्रैल की सुबह चारों सदस्यों को तेज उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर जे.जे. अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान चारों की मौत हो गई थी।


