लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

चिंताजनक:हॉटस्पॉट जिलों में मलेरिया बड़ी चुनौती, सरकार की बढ़ी मुश्किलें; आदिवासी इलाकों में फैल रहा संक्रमण – Malaria-remains-major-challenge-in-india-hotspot-districts-tribal-areas-raise-concerns

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

केंद्र सरकार ने साल 2030 तक देश को मलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है। दावा है कि 2015 की तुलना में 2023 तक देश में मलेरिया के मामलों में 80.5% और मौतों में 78.3% की कमी आई है। इसी आधार पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारत को हाई बर्डन टू हाई इम्पैक्ट (एचबीएचआई) देशों की सूची से भी बाहर कर दिया है।

सरकार का लक्ष्य 2027 तक देश में स्थानीय मलेरिया संक्रमण को पूरी तरह खत्म करना और 2030 तक डब्ल्यूएचओ से मलेरिया उन्मूलन का प्रमाणपत्र हासिल करना है। लेकिन मानसून के बीच देश के कई राज्यों से आ रहे मलेरिया के मामले सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं।

झारखंड-असम के मामलों ने बढ़ाई चिंता

सबसे गंभीर स्थिति झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में है, जहां सेरेब्रल मलेरिया से पहले चार बच्चों की मौत हुई और बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर छह तक पहुंच गई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़े स्तर पर स्क्रीनिंग अभियान चलाया। करीब तीन हजार लोगों की जांच में 150 से अधिक संक्रमित मिले। लगातार नए मरीज सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के साथ उपचार, निगरानी और रोकथाम व्यवस्था की समीक्षा की। असम के बोडोलैंड क्षेत्र के तमुलपुर जिले के चाय बागानों में एक महीने के भीतर 95 मलेरिया मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने विशेष अलर्ट जारी किया।

160 से ज्यादा जिलों में शून्य संक्रमण का दावा

स्वास्थ्य मंत्रालय ने नेशनल फ्रेमवर्क फॉर मलेरिया एलिमिनेशन (2016-2030) और नेशनल स्ट्रैटेजिक प्लान (2023-2027) के तहत चरणबद्ध रणनीति बनाई है। इसके तहत 2027 तक स्थानीय मलेरिया संक्रमण शून्य करने की तैयारी है। इसके बाद 2030 तक डब्ल्यूएचओ से मलेरिया उन्मूलन का प्रमाणपत्र प्राप्त करना है। 160 से अधिक जिलों में स्थानीय संक्रमण पहले ही समाप्त होने का दावा किया जा रहा है। 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वार्षिक परजीवी संक्रमण दर (एपीआई) प्रति हजार आबादी पर एक से नीचे पहुंच चुकी है। इंटेंसिफाइड मलेरिया एलिमिनेशन प्रोजेक्ट (आईएमईपी-3) के तहत 12 राज्यों के 159 उच्च जोखिम वाले जिलों पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

80% मामले अब 20% आबादी वाले इलाकों से

राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अनुसार, देश के करीब 80 प्रतिशत मलेरिया के मामले केवल 20 प्रतिशत आबादी वाले आदिवासी, वन और दुर्गम क्षेत्रों से आते हैं। यानी भारत में अब मलेरिया पूरे देश की समस्या नहीं, बल्कि कुछ चुनिंदा हॉटस्पॉट जिलों की बीमारी बन गया है। यही जिले 2030 के लक्ष्य के सामने सबसे बड़ी चुनौती हैं।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

चीन में बड़ा सैन्य फेरबदल:गलवां में भारत से भिड़े Pla कमांडर झाओ पर गिरी जिनपिंग की गाज, पार्टी से बाहर – China Expels Pla General Zhao Zongqi Who Led Forces During Doklam And Galwan Standoffs

राजस्थान:हार्डकोर अपराधी को पुलिस का स्पेशल ट्रीटमेंट, 25000 का इनामी बदमाश कस्टडी में करता दिखा नाश्ता – Vip Treatment For Hardcore Criminal In Sawai Madhopur News

महाराष्ट्र:फडणवीस सरकार ने आदिवासी छात्रों की सभी मांगें मानीं, भूख हड़ताल खत्म करने की अपील; जानें सब कुछ – Maharashtra Govt Accepts Demands Of Tribal Students, Appeals Them To Call Off Hunger Strike

कटनी जमीन सौदेबाजी केस:निलंबित Csp नेहा पच्चीसिया की अग्रिम जमानत खारिज, गिरफ्तारी का खतरा बढ़ा – Anticipatory Bail Plea Of Suspended Csp Neha Pachisia Rejected Risk Of Arrest Increases

गोरखपुर में सीएम योगी बोले:व्यापारी-बेटी की सुरक्षा पर संकट खड़ा किया, तो जेल और जहन्नुम का रास्ता खुला है – Cm Yogi Says Strict Action Will Be Taken Against Those Who Threaten Safety Of Traders And Daughters

एच1एन1 वायरस:स्वाइन फ्लू से होने वाली निमोनिया की क्या पहचान है? ये एक्टर भी हो गया संक्रमण का शिकार – Bollywood Actor Emraan Hashmi Tested Positive For Swine Flu How H1n1 Can Lead To Pneumonia

Leave a Comment