- प्रधानमंत्री मोदी का निवेश प्लेटफॉर्म वाला वीडियो फर्जी है.
- PIB ने इसे AI जनरेटेड डीपफेक और स्कैम बताया.
- संदिग्ध लिंक, निजी जानकारी साझा न करने की सलाह.
- अस्वीकृत प्लेटफॉर्म में निवेश से पहले हमेशा जांच करें.
PIB Fact Check: सोशल मीडिया के इस दौर में सूचनाएं जिस कदर तेजी से फैलती हैं, उसी रफ्तार से भ्रामक और गलत जानकारियां भी लोगों तक पहुंचते देर नहीं लगातीं. इस क्रम में इन दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक निवेश प्लेटफॅार्म का प्रचार करते हुए दिखाई दे रहे हैं.
PIB Fact Check ने किया चौंकानेवाला खुलासा
वायरल वीडियो में ‘क्वांटम एआई’ नाम के एक निवेश प्लेटफॉर्म को लेकर दावा किया जा रहा है कि इसमें मात्र 21000-22000 रुपये के शुरुआती निवेश से हर महीने 3.5 लाख रुपये तक की मोटी कमाई की जा सकती है. भारत सरकार की आधिकारिक फैक्ट चेक विंग PIB Fact Check ने जब इस वायरल वीडियो की जांच की तो पाया कि यह एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जनरेटेड डीपफेक वीडियो है. पीआईबी (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने इसे ऑनलाइन इंवेस्टमेंट स्कैम करार देते हुए दावे का पूरी तरह से खंडन कर दिया है.
PIB ने क्या कहा?
पीआईबी फैक्ट चेक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने बयान में कहा है कि यह वीडियो फर्जी है और इसे AI से बनाया गया है. भारत सरकार ने ऐसे किसी भी इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म या स्कीम को मंजूरी नहीं दी है. संदिग्ध लिंक पर कभी भी क्लिक न करें और न ही अपनी पर्सनल या फ़ाइनेंशियल जानकारी शेयर करें. इन्वेस्ट करने से पहले हमेशा ऑफिशियल सोर्स से जानकारी वेरिफाई करें.
🚨 Don’t Fall for ‘Easy Money’ Investment Scams‼️
A manipulated video circulating online falsely shows Prime Minister @narendramodi endorsing an investment platform and claiming returns of up to ₹3.5 lakh per month on an investment of ₹22,000.#PIBFactCheck
❌ This video is… pic.twitter.com/NWQgGH9Z2X
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 19, 2026
फेक खबर की कहां करें शिकायत?
अगर आपको सोशल मीडिया पर सरकार से जुड़ी कोई भ्रामक जानकारी मिलती है, तो आप इसकी शिकायत सीधे PIB Fact Check को सीधे उनके व्हाट्सऐप नंबर- +91 8799711259 पर या ईमेल factcheck@pib.gov.in भेकर कर सकते हैं.
आजकल डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग के मामले बढ़ते जा रहे हैं. स्कैमर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से इस तरह से किसी आदमी के वीडियो को बनाते हैं, जिससे उसका रंग-रंग, कद-काठी, आवाज, बोलचाल बिल्कुल असली लगे. इस तरह से स्कैमर्स भोले-भाले लोगों को अपनी जाल में फंसाकर उनसे ठगी करते हैं.
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