लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

तृणमूल में टूट की आहट:बागी सांसदों पर Bjp से सांठगांठ का आरोप; Tmc समर्थक बोले- वो सभी गद्दार, सत्ता के भूखे – Tmc Leader Support Oppose Mamta Banerjee Bjp Nda Kirti Azad Sagarika Ghose Kakoli Ghosh Dastidar

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

पश्चिम बंगाल की सियासत में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी बगावत अब खुली राजनीतिक जंग में बदलती दिखाई दे रही है। पार्टी के कई सांसदों के बागी रुख अपनाने के बाद ममता बनर्जी के करीबी नेताओं ने मोर्चा संभाल लिया है। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी और कीर्ति आजाद ने बागी नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें गद्दार, सत्ता का भूखा और भाजपा से जुड़ा हुआ बताया। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी को कमजोर करने के लिए अंदरूनी टूट कराने की कोशिश कर रही है।

दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कल्याण बनर्जी ने कहा कि बागी सांसद राजनीतिक नैतिकता खो चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी नेता को पार्टी से शिकायत है, तो उसे सांसद पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने पूर्व राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने आरोप लगाने के बाद इस्तीफा दिया था, इसलिए बाकी बागी सांसदों को भी वही रास्ता अपनाना चाहिए। कल्याण बनर्जी ने यह भी कहा कि बागी खेमे के पास दलबदल रोधी कानून से बचने के लिए जरूरी संख्या नहीं है।

कल्याण बनर्जी ने बागी सांसदों पर क्या आरोप लगाए?


  • बागी सांसदों के पास दलबदल रोधी कानून से बचने लायक संख्या नहीं है।

  • बागी नेताओं ने ममता बनर्जी को छोड़ पीएम नरेंद्र मोदी को अपना नेता मान लिया है।

  • भाजपा नेता भूपेंद्र यादव के घर जाने के बाद बागियों की नीयत साफ हो गई।

  • वो सभी गद्दार और सत्ता का भूखे हैं।

  • भाजपा टीएमसी को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।

  • भाजपा के पास ईडी, सीबीआई और सत्ता की ताकत हो सकती है।

  • टीएमसी के साथ मां, माटी, मानुष और बंगाल की जनता खड़ी है।

  • बागी सांसदों को इस्तीफा देकर दोबारा जनता के बीच जाना चाहिए।

 

 

भाजपा से रिश्तों को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?

टीएमसी नेताओं ने आरोप लगाया कि बागी सांसद भाजपा के साथ मिल चुके हैं। कल्याण बनर्जी ने कहा कि जिस दिन बागी सांसद भाजपा नेता भूपेंद्र यादव के घर गए, उसी दिन साफ हो गया कि उन्होंने ममता बनर्जी की जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना नेता मान लिया है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी और भूपेंद्र यादव के साथ मुलाकात ने बागी नेताओं की असली राजनीति उजागर कर दी। कल्याण बनर्जी ने कहा कि भाजपा के पास ईडी, सीबीआई और सत्ता की ताकत हो सकती है, लेकिन टीएमसी के साथ “मां, माटी, मानुष” और बंगाल की जनता खड़ी है।

कीर्ति आजाद ने बागी नेताओं को क्या चेतावनी दी?

टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने भी बागी सांसदों पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर वे भाजपा के साथ जाना चाहते हैं, तो खुलकर सामने आएं। उन्होंने कहा कि जब भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले होते हैं, तब क्या ये बागी नेता पार्टी के साथ खड़े होंगे? कीर्ति आजाद ने काकोली घोष दस्तीदार को निशाने पर लेते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने उन्हें कई मौके दिए, बावजूद इसके वह पार्टी के खिलाफ खड़ी हो गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि काकोली संसद नहीं आती थीं और फोन पर निर्देश देती थीं। कीर्ति आजाद ने कहा कि गद्दार लोग पार्टी छोड़ सकते हैं, लेकिन उन्हें तृणमूल का नाम लेने का अधिकार नहीं है।

RG कर विवाद को लेकर क्यों हुई तीखी बयानबाजी?

कल्याण बनर्जी ने बागी सांसद शर्मिला सरकार और काकोली घोष दस्तीदार को RG कर अस्पताल विवाद को लेकर भी घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि उस समय दोनों नेता कहां थीं, जब पार्टी कार्यकर्ता दबाव और हमलों का सामना कर रहे थे। उन्होंने कहा कि डॉक्टर होने के बावजूद शर्मिला सरकार ने उस मुद्दे पर आवाज नहीं उठाई। टीएमसी नेतृत्व अब बागी नेताओं के खिलाफ लगातार आक्रामक रणनीति अपनाता नजर आ रहा है।

काकोली घोष दस्तीदार का पलटवार

कल्याण बनर्जी और कीर्ति आजाद के आरोपों पर जवाब देते हुए काकोली ने कहा कि पार्टी के भीतर लंबे समय से असंतोष था, लेकिन नेतृत्व ने उसे नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि सांसदों को अपनी बात रखने का अधिकार है और इसे गद्दारी कहना गलत है। काकोली ने यह भी दावा किया कि बागी सांसदों का कदम बंगाल और जनता के हित में लिया गया फैसला है।

 



Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

चार हाईकोर्ट में 14 जजों की नियुक्ति:सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर केंद्र ने लगाई मुहर; कौन-कौन शामिल? – Centre Notifies Appointment Of 14 Judicial Officers As Judges In Four High Courts

सागर में रफ्तार का कहर:बस से टकराकर बुरी तरह पिचकी कार, तीन लोगों की मौत; चालक मौके से फरार – Tragic Road Accident In Sagar: Fast Bus And Car Collide On Garhakota Road, Three Dead

यूपी में ‘लंपी’ की दस्तक:खतरनाक वायरस की चपेट में आए गोवंश, बचाने के पशुपालक जरूर करें ये काम – Lumpy Skin Disease Raises Concern, Experts Advise Vaccination And Isolation

काम की बात:किन 4 सरकारी योजनाओं से जुड़कर कर सकते हैं निवेश? यहां जानें – Four Government Schemes Where You Can Invest Your Money

ईटिंग जेटलैग:शनिवार-रविवार की ये एक आदत बढ़ा सकती है हृदय रोगों का जोखिम, पुरुष सबसे ज्यादा खतरे में – Study Alerts Eating At A Different Time On Weekends From Weekdays Could Increase The Risk Of Heart Disease

यूपीआई के मुद्दे पर केंद्र पर भड़की शिवसेना यूबीटी:’सामना’ में लिखा- ये केवल शब्दों का खेल, जनता ही भुगतेगी – Mdr A Semantic Cover-up Consumers Will Bear The Burden Says Saamana Editorial Shiv Sena Ubt

Leave a Comment