
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पांच देशों से अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करने की मांग कर दी है. इन पांच देशों में पाकिस्तान का नाम भी शामिल है. ट्रंप का कहना है कि मौजूदा देशों को इस समझौते से काफी फायदा हुआ है और भविष्य में इससे होने वाले फायदे पहले से कहीं ज्यादा हो सकते हैं, लेकिन पाकिस्तान ट्रंप के जाल में फंसता नजर आ रहा है. अगर वह ट्रंप की बात को मानता है तो उसे पासपोर्ट को लेकर बड़ा बदलाव करना पड़ सकता है.
ट्रंप ने ट्रूथ पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि अमेरिका ने इस बेहद जटिल पहेली को सुलझाने में बड़ी मेहनत की है और अब प्रमुख मुस्लिम देशों को इजरायल के साथ औपचारिक संबंध सामान्य करने चाहिए. उन्होंने सऊदी अरब, कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र और जॉर्डन का नाम लिया.
ट्रंप के मुताबिक, सऊदी अरब और कतर को तुरंत समझौते पर हस्ताक्षर करने चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ईरान भी वॉशिंगटन के साथ शांति समझौते के बाद इसका हिस्सा बन सकता है.
अगर पाक ने मानी ट्रंप की बात बदलना पड़ेगा ये नियम
अगर पाकिस्तान अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होता है तो उसे अपने पासपोर्ट नियमों में बड़ा बदलाव करना पड़ेगा. फिलहाल पाकिस्तानी पासपोर्ट पर यह स्पष्ट लिखा होता है, ‘यह पासपोर्ट इजरायल को छोड़कर दुनिया के सभी देशों के लिए मान्य है.’ अगर पाकिस्तान के इजरायल के साथ रिश्ते सामान्य होते हैं तो यह लाइन हटानी पड़ेगी, क्यों कि पर्यटन, व्यापार, वर्क वीजा जैसे समझौतों के लिए यात्रा प्रतिबंध खत्म करना जरूरी होगा.
अहम बात यह भी है कि पाकिस्तान के लिए यह केवल कूटनीतिक बदलाव नहीं होगा, बल्कि उसकी विदेश नीति और कानूनी व्यवस्था में भी बड़ा परिवर्तन माना जाएगा. बांग्लादेश भी अपने नए ई-पासपोर्ट लागू करते समय ‘Except Israel’ वाली लाइन हटा चुका है.
क्या है अब्राहम अकॉर्ड्स 2020
दरअसल अब्राहम अकॉर्ड्स 2020 में अमेरिका की मध्यस्थता में हुआ ऐसे समझौते हैं, जिनके तहत इजरायल और कई अरब देशों (संयुक्त अरब अमीरात, सूडान, मोरक्को और बहरीन) ने आपसी रिश्ते सामान्य करने पर सहमति जताई थी. इसे क्षेत्र में शांति और सहयोग बढ़ाने की पहल के तौर पर पेश किया गया था.
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