ब्रिटिश सेना अपने पुराने और दशकों से इस्तेमाल हो रहे लैंड रोवर (Land Rover) और पिनजगाउर (Pinzgauer) गाड़ियों के बेड़े को बदलने के लिए एक ऐतिहासिक चरण में पहुंच गई है। यूके के रक्षा मंत्रालय ने एक नए लाइट मोबिलिटी व्हीकल (LMV) की खरीद प्रक्रिया शुरू की है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस रक्षा सौदे का मूल्य 2 बिलियन पाउंड (बिना टैक्स) अनुमानित है, जो वैट मिलाकर 2.5 बिलियन पाउंड (लगभग 27,000+ करोड़ रुपये) तक पहुंच सकता है। इस कार्यक्रम के तहत शुरुआती खरीद के साथ-साथ भविष्य में गाड़ियों के बेड़े को 9,500 से अधिक वाहनों तक बढ़ाने का विकल्प शामिल है।
ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय की चयन प्रक्रिया और समयसीमा क्या है?
ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने इस टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने के लिए कंपनियों से आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 1 सितंबर 2026 तय की थी। इसके बाद, मंत्रालय बातचीत और यूके-आधारित ट्रायल के लिए अधिकतम सात टीमों को शॉर्टलिस्ट करेगा:
- ट्रायल और संवाद (अक्तूबर 2026 – जनवरी 2027): शॉर्टलिस्ट की गई टीमों को ड्राफ्ट टेंडर जारी किया जाएगा। और अक्तूबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच वाहनों का कठोर मिलिट्री ट्रायल होगा।
- अंतिम निर्णय (31 मई 2027): जो वाहन ट्रायल में विफल रहेंगे, उन्हें तुरंत बाहर कर दिया जाएगा। अनुबंध देने का अंतिम निर्णय 31 मई 2027 तक लिया जाएगा।
ब्रिटिश सेना के बेड़े में जगह बनाने के लिए कौन-कौन से प्रमुख वैश्विक दावेदार मैदान में हैं?
यूके के इस विशाल सैन्य सौदे को पाने के लिए दुनिया की 7 दिग्गज कंपनियों और कंसोर्टियम ने सार्वजनिक रूप से अपनी दावेदारी पेश की है:
- JLR कंसोर्टियम (Defender Wolf Series II): जगुआर लैंड रोवर के नेतृत्व वाला कंसोर्टियम डिफेंडर के D7x आर्किटेक्चर पर आधारित ‘वुल्फ सीरीज II’ पेश कर रहा है। यह 1990 के दशक के मूल वुल्फ के बाद पहला नया सैन्य डिफेंडर होगा। इसके तहत टैक्टिकल, जनरल मोबिलिटी, एम्बुलेंस और यूटिलिटी वेरिएंट्स प्रस्तावित हैं।
- टीम ग्रेनेडियर (Ineos Grenadier Family): इनियोस ऑटोमोटिव ने यूके सप्लाई-चैन विशेषज्ञों के साथ साझेदारी में इनियोस ग्रेनेडियर पेश किया है। लेडर-फ्रेम पर बनी यह गाड़ी क्लासिक डिफेंडर के उत्तराधिकारी के रूप में देखी जाती है। जिसका इस्तेमाल पहले से जर्मन पुलिस और यूरोपीय सीमा सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं।
- राइनमेटल यूके (Mercedes-Benz Military G-Class): राइनमेटल यूके मर्सिडीज-बेन्ज जी-क्लास (G-Class) की मिलिट्री रेंज और ‘काराकल’ (Caracal) एयरबोर्न प्लेटफॉर्म की पेशकश कर रहा है। काराकल पहले से ही जर्मन व डच सेना में शामिल है और यूक्रेन में भी तैनात है।
- बैबकॉक और सुपरकैट (Toyota Land Cruiser 70): इस साझेदारी ने टोयोटा लैंड क्रूजर 70 सीरीज पर आधारित ‘जनरल लॉजिस्टिक्स व्हीकल’ पेश किया है। बैबकॉक का दावा है कि इस वैश्विक और युद्ध-परीक्षित प्लेटफॉर्म के कार्यक्रम का लगभग 70 प्रतिशत मूल्य और विनिर्माण कार्य यूके में ही रहेगा।
- टीम लायनस्ट्राइक (Chevrolet Colorado/Silverado): जीएम डिफेंस, बीएई सिस्टम्स और एनपी एयरोस्पेस की यह टीम शेवरले कोलोराडो और सिल्वरैडो से विकसित सैन्य वाहन (जैसे इन्फैंट्री स्क्वाड व्हीकल) पेश कर रही है। इसमें 9-सीटर और 5-सीटर लॉजिस्टिक्स/काउंटर-UAS वेरिएंट्स शामिल हैं।
- जनरल डायनेमिक्स, फोर्ड और रिकॉर्डो (Militarised Ford Ranger): यह तिकड़ी फोर्ड रेंजर और रेंजर सुपर ड्यूटी पर आधारित 4X4 और 6X6 सैन्य वाहनों की पेशकश कर रही है। यह बोली फोर्ड के वैश्विक विनिर्माण पैमाने और यूके के डेगनहेम में बने इंजनों से लैस है।
- फेरिंग टेक्नोलॉजीज (Pioneer X Hybrid-EV): लंदन आधारित फेरिंग टेक्नोलॉजीज ने ‘पायनियर एक्स’ नाम का एक हाइब्रिड-इलेक्ट्रिक LMV पेश किया है। 1,750 किलोग्राम वजन और 1,550 किलोग्राम पेलोड वाली यह गाड़ी 80 किमी तक साइलेंट ईवी मोड में चल सकती है। और इसकी कुल रेंज 7,010 किमी तक का दावा किया गया है।

