अतिरिक्त विश्व बैंक कॉलोनी, इंदिरा नगर और आजाद नगर समेत लगभग 10 कॉलोनियों में इन दिनों हाहाकार मचा हुआ है। मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड द्वारा आवासीय मकानों के व्यावसायिक उपयोग पर भेजे गए नोटिसों ने करीब 500 मकान मालिकों की नींद उड़ा दी है। कार्रवाई का खौफ इस कदर हावी है कि लोग अपने ही हाथों अपनी दुकानें तोड़ रहे हैं, शटर हटाकर दरवाजे लगा रहे हैं और लीज निरस्त होने के डर से अपना बनाया सेटअप खुद ही तबाह करने पर मजबूर हैं।

इस कार्रवाई की सबसे दर्दनाक तस्वीर उस वक्त सामने आई, जब एक पीड़ित क्षेत्रवासी देवेंद्र सिंह ने अपना दर्द बयां किया। देवेंद्र सिंह का कहना है कि नोटिस मिलने के बाद उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मेरी बिटिया की शादी इसी साल तय हुई थी। तैयारियां पूरी थीं, लेकिन नोटिस आते ही मेरे सामने धर्मसंकट खड़ा हो गया कि बेटी का हाथ पीला करूं या अपने सिर से छत छिनने से बचाऊं। कोई रास्ता न देख, मुझे भारी मन से बेटी की शादी कैंसिल करनी पड़ी। शादी के लिए बुक कराया गया मैरिज गार्डन और होटल भी रद्द करवाना पड़ा।
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क्षेत्र में आलम यह है कि कहीं शटर उखाड़े जा रहे हैं तो कहीं दुकानों की दीवारें तोड़कर दोबारा चुनाई की जा रही हैं, ताकि मकान को फिर से पूरी तरह ‘आवासीय’ दिखाया जा सके। कई मामलों में लीज निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। प्रशासनिक सख्ती और नोटिस के इस कहर ने दर्जनों परिवारों की खुशियों और जिंदगी भर की जमापूंजी पर पानी फेर दिया है।
अवैध कमर्शियल गतिविधियों पर नोटिस व कार्रवाई
हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में जिन मकानों और प्लॉट का आवंटन आवासीय उपयोग के लिए हुआ था, वहां बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां (दुकानें, गोडाउन, ऑफिस आदि) संचालित की जा रही थीं। बोर्ड ने अतिरिक्त विश्व बैंक कॉलोनी, इंदिरा नगर और आजाद नगर जैसी कॉलोनियों के लगभग 500 मकानों/भूखंडों को चिह्नित कर कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि यदि आवासीय सेटअप में बिना स्वीकृति किए गए कमर्शियल बदलाव नहीं हटाए गए, तो संपत्ति की लीज निरस्त की जा सकती है। इसके चलते कई मकान मालिकों द्वारा स्वयं दुकानें और शटर हटाने की कार्रवाई की जा रही है।

ऐसे हुआ निर्माण

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