तमिलनाडु की राजनीति में बुधवार को एक बड़ा मोड़ देखने को मिला। राज्य की दो सबसे बड़ी विरोधी पार्टियां, डीएमके और एआईएडीएमके, टीवीके (TVK) को सत्ता में आने से रोकने के लिए हाथ मिलाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। राजनीतिक हलकों में ऐसी चर्चा है कि ये दोनों दल टीवीके की पहली सरकार बनने की राह रोकने के लिए आपस में बातचीत कर रहे हैं।

यह खबर तब सामने आई, जब कांग्रेस ने अचानक टीवीके के साथ गठबंधन कर लिया। हालांकि, इस संभावित बातचीत को लेकर डीएमके और एआईएडीएमके ने अभी चुप्पी साध रखी है और किसी भी तरह की टिप्पणी करने से मना कर दिया है।
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दूसरी तरफ, टीवीके के मुखिया विजय ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। कांग्रेस ने डीएमके के साथ अपना पुराना गठबंधन तोड़कर विजय की पार्टी का साथ देने का फैसला किया है। तमिलनाडु कांग्रेस के अध्यक्ष के सेलबापेरुंथगाई और राज्य प्रभारी गिरीश चोडणकर ने टीवीके मुख्यालय में विजय को पार्टी का समर्थन पत्र सौंपा। फिर विजय पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ राज्यपाल से मिलने लोकभवन पहुंचे।
सूत्रों के मुताबिक, विजय ने राज्यपाल को पत्र देकर सरकार बनाने के लिए न्योता देने का अनुरोध किया और उन्हें आश्वस्त किया कि विधानसभा में पार्टी तय समय में बहुमत साबित कर देगी।
सीटों के गणित पर नजर डालें तो टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। डीएमके को 59 और एआईएडीएमके को 47 सीटें मिली हैं। कांग्रेस के पास 5 सीटें हैं, जबकि पीएमके ने 4 सीटों पर जीत हासिल की है। आईयूएमएल, सीपीआई, सीपीआई-एम और वीसीके के खाते में 2-2 सीटें आई हैं। इसके अलावा भाजपा, डीएमडीके और एएमएमके को 1-1 सीट मिली है। अब सबकी नजरें राज्यपाल के फैसले और डीएमके-एआईएडीएमके की अगली चाल पर टिकी हैं।
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