यूरोप के सबसे बड़े परमाणु प्लांट पर खतरा बढ़ गया है। रूस की सरकारी परमाणु कंपनी रोसाटोम ने शनिवार को एक बड़ा दावा किया। रोसाटोम का कहना है कि यूक्रेन के एक ड्रोन ने जापोरिज्जिया परमाणु प्लांट पर हमला किया है। यह प्लांट फिलहाल रूस के कब्जे में है। दूसरी तरफ, यूक्रेन की सेना ने इस दावे को पूरी तरह झूठा बताया है। यूक्रेन का कहना है कि यह रूस का नया दुष्प्रचार है।
टरबाइन हॉल की दीवार टूटी
रोसाटोम के प्रमुख अलेक्सी लिखचेव ने इसे जानबूझकर किया गया हमला बताया है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के एक आत्मघाती ड्रोन ने पावर यूनिट नंबर छह की टरबाइन हॉल इमारत को निशाना बनाया। ड्रोन टकराते ही वहां एक बड़ा धमाका हुआ। लिखचेव के मुताबिक, इस धमाके से प्लांट के मुख्य उपकरणों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। हालांकि, टरबाइन हॉल की दीवार में एक बड़ा सुराख हो गया है।
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यूक्रेन ने दावों को नकारा
यूक्रेन की सेना ने रूसी आरोपों का कड़ा विरोध किया है। सेना ने साफ कहा कि उनके सैनिकों ने जापोरिज्जिया प्लांट की पावर यूनिट नंबर छह पर कोई हमला नहीं किया। यूक्रेनी सेना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करती है। वे जानते हैं कि परमाणु प्लांट पर हमले के कितने भयानक नतीजे हो सकते हैं। यूक्रेन ने यह भी बताया कि उस समय फ्रंटलाइन के उस इलाके में कोई लड़ाई नहीं चल रही थी और न ही किसी हथियार का इस्तेमाल हुआ था।
चार साल से बना है खतरा
रूसी सेना ने मार्च 2022 में इस जापोरिज्जिया परमाणु प्लांट पर कब्जा किया था। यह प्लांट दक्षिण-पूर्वी यूक्रेन में युद्ध के मोर्चे के बेहद करीब है। पिछले चार साल से चल रहे इस युद्ध में इस प्लांट के आस-पास कई बार गोलाबारी हुई है। इसी वजह से पूरी दुनिया में किसी बड़े परमाणु हादसे का डर लगातार बना रहता है।

